पाञ्चजन्य - राष्ट्रीय हिंदी साप्ताहिक पत्रिका | Panchjanya - National Hindi weekly magazine
Google Play पर पाएं
Google Play पर पाएं

श्रद्धांजलि

नहीं रहे वरिष्ठ पत्रकार भगवतीधर वाजपेयी

WebdeskMay 07, 2021, 10:10 AM IST

नहीं रहे वरिष्ठ पत्रकार भगवतीधर वाजपेयी

आईआईएमसी के महानिदेशक ने जताया दुख कहा- ‘राष्ट्रीय भावधारा को समर्पित था उनका जीवन’ वयोवृद्ध पत्रकार और राष्ट्रीय भावधारा के लेखक श्री भगवतीधर वाजपेयी (96 वर्ष) का जबलपुर में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। उनके निधन पर भारतीय जनसंचार संस्थान(आईआईएमसी) के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि युगधर्म (नागपुर-जबलपुर) के संपादक के रूप में उनकी पत्रकारिता ने राष्ट्रीय चेतना का विस्तार किया। वे सिर्फ एक पत्रकार ही नहीं, मूल्यआधारित पत्रकारिता और भारतीयता के प्रतीक पुरुष थे। उनका समूचा जीवन इस देश की महान संस्कृति के प्रचार-प्रसार में समर्पित रहा। प्रो. द्विवेदी ने कहा कि 1957 में नागपुर में युगधर्म के संपादक के रूप में कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने 1990 तक सक्रिय पत्रकारिता करते हुए युवा पत्रकारों की एक पूरी पौध तैयार की। उनकी समूची पत्रकारिता में मूल्यनिष्ठा, भारतीयता, संस्कृति के प्रति अनुराग और देशवासियों को सामाजिक और आर्थिक न्याय दिलाने की भावना दिखती है। 1952 में स्वदेश के माध्यम से अपनी पत्रकारिता का प्रारंभ करने वाले श्री वाजपेयी का निधन एक ऐसा शून्य रच रहा है, जिसे भर पाना कठिन है। 2006 में उन्हें मध्यप्रदेश शासन द्वारा माणिकचन्द्र वाजपेयी राष्ट्रीय पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। प्रो.द्विवेदी ने कहा कि उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी एक विचार के लिए लगा दी और संघर्षपूर्ण जीवन जीते हुए भी घुटने नहीं टेके। आपातकाल में न सिर्फ उनके अखबार पर ताला डाल दिया गया, वरन उन्हें जेल भी भेजा गया। इसके बाद भी न तो झुके, न ही डिगे। web desk

Comments

Also read: यूं ही कोई अमीरचंद नहीं बन जाता ..

Osmanabad Maharashtra- आक्रांता औरंगजेब पर फेसबुक पोस्ट से क्यों भड़के कट्टरपंथी

#Osmanabad
#Maharashtra
#Aurangzeb
आक्रांता औरंगजेब पर फेसबुक पोस्ट से क्यों भड़के कट्टरपंथी

Also read: कला के अनमोल साधक ..

स्मृति शेष : कल्याण सिंह : धर्म-संस्कृति के ध्वजवाहक
1983 में विश्वकप जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे क्रिकेटर यशपाल शर्मा का निधन

स्मृति शेष : गीत-गजल का लोकप्रिय स्वर कुंअर बेचैन : तुम्हें वंदन हमारी आस्था का

मधुर-मार्मिक गीतों तथा सहज-सार्थक गजलों के कारण कुंअर बेचैन की देश-विदेश में व्यापक प्रतिष्ठा है। भावों की गहनता तथा अभिव्यक्ति की विविधता के कारण यदि एक ओर उन्हें वर्तमान समय के प्रमुख गीतकार के रूप में परिगणित किया जाता है तो दूसरी ओर बहुरंगी एवं आत्मीय गजलों के कारण वे हिन्दी गजल को सर्जनात्मक ऊंचाई प्रदान करने वाले श्रेष्ठ गजलकार माने जाते हैं। काव्य-मंचों पर सौम्य-शालीन उपस्थिति तथा सम्मोहक प्रस्तुति डॉ. कुंअर बेचैन को कुछ अलग, कुछ विशिष्ट बना देती है। 1 जुलाई, 2017 को डॉ. कुंअर बेचैन ने ...

स्मृति शेष : गीत-गजल का लोकप्रिय स्वर कुंअर बेचैन : तुम्हें वंदन हमारी आस्था का