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विश्व

ब्रिटिश संसद में हिन्दूफोबिक अभिजीत सरकार के खिलाफ प्रस्ताव

WebdeskMay 04, 2021, 02:58 PM IST

ब्रिटिश संसद में हिन्दूफोबिक अभिजीत सरकार के खिलाफ प्रस्ताव

आक्सफोर्ड के इतिहास में शायद पहली बार किसी हिन्दूफोबिक शिक्षक के विरुद्ध ब्रिटिश संसद के पटल पर कोई प्रस्ताव रखा गया है। अभिजीत सरकार लंबे वक्त से हिन्दू विरोध का झंडा उठाता आ रहा है, परिसर में हिन्दुओं का अपमान करता आ रहा है ब्रिटेन के आक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में एक हिन्दू छात्रा रश्मि सामंत के फरवरी 2021 में छात्र संघ अध्यक्ष चुने जाने के बाद उस पर नस्लवादी टिप्पणियां की गईं, हिन्दू होने के कारण उसके खिलाफ इतना तीखा अभियान छेड़ा गया कि वह भारत लौट गई। इस सब हिन्दूफोबिक नफरती अभियान का अगुआ और कोई नहीं, वहीं का एक प्रोफेसर अभिजीत सरकार है, जो कट्टर हिन्दू विरोधी और हिन्दूफोबिक है। (देखें, पांचजन्य 9 मई 2021) उसके खिलाफ विश्वविद्यालय के हिन्दू छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने एक याचिका भी दायर की है जिसे अपार समर्थन मिल रहा है। इस याचिका से जहां हिन्दू छात्रों में एक संतोष और आश्वस्ति का भाव जगा है वहीं हिन्दूफोबिक सेकुलर जमात रक्षात्मक मुद्रा में आई है। इसी मुद्दे पर ब्रिटेन की संसद में कन्जरवेटिव सांसद बॉब ब्लैकमैन ने 28 अप्रैल को दिन के शुरुआती प्रस्तावों में एक प्रस्ताव हिन्दूफोबिक प्रो. अभिजीत सरकार के विरुद्ध प्रस्तुत किया है। बॉब का चुनाव क्षेत्र मिडलसैक्स है जहां बड़ी तादाद में भारतीय बसे हैं। संसद में रखे गए प्रस्ताव में लिखा है—''कि ये सदन अभिजीत सरकार द्वारा हिन्दुओं के प्रति दर्शाई जा रही नफरत की भर्त्सना करता है, अभिजीत सरकार के बयानों पर आक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से कड़ी कार्रवाई करने का अनुरोध करता है ताकि ब्रिटिश हिन्दुओं और भारतीयों में व्याप्त असंतोष दूर हो, ये सुनिश्चित हो कि यू.के. में दूसरे सबसे बड़े छात्र समुदाय हिन्दू छात्रों के विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने पर असर न पड़े; आक्सफोर्ड विश्वविद्यालय का आहृवान करता है कि कथित कट्टरता के खिलाफ कार्रवाई करे, जब तक अभिजीत सरकार पर लगे गंभीर आरोपों की जांच पूरी न हो जाए, तब तक उन्हें निलंबित करे ताकि न्याय और निष्पक्षता बनी रहे, और विश्वविद्यालय एक सार्वजनिक बयान जारी करे, जिससे छात्रों और चिंतित अभिभावकों में विश्वास बहाल हो।'' संसद में आए इस प्रस्ताव से आक्सफोर्ड में पढ़ रहे भारतीय छात्रों में उम्मीद की एक नई किरण जगी है। खुद रश्मि ने 3 मई 2021 को ट्वीट कर बॉब ब्लैकमैन के इस प्रस्ताव पर संतोष जाहिर करते हुए लिखा है—''एमपी बॉब ब्लैकमैन ने आक्सफोर्ड में अभिजीत सरकार के हिन्दूफोबिक कृत्यों की भर्त्सना की है और ब्रिटिश संसद में अर्ली डे मोशन पटल पर रखा है। न्याय मिलने तक हिन्दू समुदाय लगातार जूझता रहेगा।'' बेशक, रश्मि आक्सफोर्ड में हिन्दू प्रतिरोध का प्रतीक बनकर उभरी है। हिन्दूफोबिया के खिलाफ उसकी लड़ाई में सिर्फ परिसर के छात्र ही उसके साथ नहीं हैं, बल्कि ब्रिटेन में बड़ी तादाद में बसे हिन्दू और हिन्दू संगठन भी उसे समर्थन दे रहे हैं।

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