आवरण कथा

#पीएफआई : टाइम बम

लखनऊ में पीएफआई कमांडर और उसके साथी की गिरफ्तारी के बाद पॉपुलर फ्रंट आॅफ इंडिया के खतरनाक खेल की परतें उघड़नी शुरू हुई हैं। भारत को विध्वंसक आघात देने का षड्यंत्र कितना गहरा है जानने के लिए पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट-..

इस साजिश को समझना जरूरी

यह कभी किसान आंदोलन था ही नहीं। यह आईएसआई के प्रायोजित कार्यक्रम के तहत खालिस्तान की मांग को फिर से जिंदा करने का एक जरिया भर है। पूरे आंदोलन के दौरान भिंडरावाला के पोस्टर लहराते रहे। पंजाबी गायक खालिस्तान के समर्थन में गीत गाते दिखे। देश तोड़ो गैंग की तस्वीरें लगाई गई..

अराजकता की राजधानी

गणतंत्र दिवस के दिन दिल्ली की सड़कों पर हिंसा का नंगा नाच हुआ। लोकतंत्र की गरिमा को तार-तार कर दिया गया। शुरु से ही इस आंदोलन का समर्थन कर रहे राहुल गांधी या दिल्ली की गद्दी पर बैठे अरविंद केजरीवाल क्या इस तरह की घटना के लिए जवाबदेह नहीं हैं..