केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार का निधन
स्रोत:    दिनांक 12-नवंबर-2018
केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार का सोमवार तड़के बेंगलुरु में निधन हो गया। वह 59 साल के थे। कुछ महीनों से कैंसर से पीड़ित थे। अक्टूबर में न्यूयॉर्क से इलाज कराकर लौटे थे। दोबारा तबीयत बिगड़ने पर उन्हें बेंगलुरु के एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया था। उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था दक्षिण में कांग्रेस का वर्चस्व तोड़ने में अहम भूमिका निभाने वाले अनंत कुमार भाजपा को अनंत समय तक याद आएंगे। 1990 के दशक में केंद्र समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में सत्ता हासिल करने वाली भाजपा की चिंता दक्षिण के राज्य थे।
यह वह दौर था जब भाजपा दक्षिण में अपने विस्तार के लिए बहुत जबरदस्त तरीके से प्रयासरत थी। ऐसे में कर्नाटक में अनंत कुमार ने यहां की कमान संभाली।
वह छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय थे। छात्र राजनीति के बाद वह 1987 में वह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए। अपने आर्कषक व्यक्तित्व व प्रखरता के कारण उन्होंने जल्द ही भाजपा में अपना एक अलग स्थान बना लिया। 1998 में जब केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार बनी तो वह केंद्रीय मंत्री बने। वाजपेयी सरकार में वह सबसे कम उम्र के मंत्री थे।
1995 के लाेकसभा चुनाव में उन्हें पहली बार दक्षिण बेंगलुरु की सीट से टिकट मिला। इस चुनाव में उन्होंने जीत हासिल की और पहली बार लोकसभा के सदस्य बने। इसके बाद वह लगातार छह बार (1996, 1998, 1999, 2004, 2009 और 2014) सांसद चुने गए। 2014 में आम चुनाव में वह कांग्रेस के प्रत्याशी नंदन निलेकणी को भारी मतों से शिकस्त दिया। दो लाख मतों से जीत हासिल कर मोदी सरकार में संसदीय कार्य मंत्री बने।