अयोध्या में संत बोले हर सूरत बनना चाहिए राम मंदिर
स्रोत:    दिनांक 26-नवंबर-2018
अयोध्या में रविवार को विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की धर्मसभा आयोजित हुई. भारी संख्या में राम भक्त धर्मसभा में पहुंचे. जिन लोगों को यह भ्रम हो गया था कि राम जन्म भूमि का मुद्दा ठंडा पड़ चुका है और अब नई पीढ़ी को राम जन्म भूमि के मुद्दे में कोई दिलचस्पी नहीं है उनका भ्रम टूट गया. बेहिसाब जन सैलाब उमड़ा जिसमें भारी संख्या में नौजवान शामिल थे. बड़े भक्तमाल की बगिया की तरफ जाने वाले हर रास्ते पर राम भक्त ही नजर आ रहे थे. इस धर्मसभा में विहिप के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष चम्पत राय ने कहा कि “ वर्ष 1992 के बाद आज 25 वर्ष हो चुके हैं. एक पीढ़ी युवा अवस्था में पहुंंच चुकी है. कुछ विद्वान् यह आकलन लगाने लगे थे कि युवाओं को अब राम मंदिर आन्दोलन से कोई सरोकार नहीं है. आज केवल पूर्वी उत्तर प्रदेश के 48 जनपदों के हिन्दुओं ने यह बता दिया है कि राम जन्म भूमि का मुद्दा आज भी अपनी उसी ऊर्जा के साथ जीवित है.”
हमें पूरी भूमि चाहिए
चम्पत राय ने कहा कि “यह झगडा 490 वर्ष पुराना है. मुसलमानों की तरफ से पहले यह कहा गया था कि अगर वर्ष 1528 के पहले वहां पर मंदिर साबित हो जाता है तो वो लोग अपना दावा छोड़ देंगे. वर्ष 2010 में इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला आया. मुसलमानों को आगे आना चाहिए था मगर उन लोगों ने ऐसा नहीं किया. हमने कोर्ट से बंटवारा नहीं मांगा था. वहां पर भगवान् राम का मंदिर था, वहां की पूरी भूमि हमें चाहिए.”
 
11 दिसंबर के बाद राम मंदिर निर्माण पर केंद्र सरकार निर्णय लेगी: रामभद्राचार्य
मंचासीन संतों में चित्रकूट के रामभद्राचार्य जो राम मंदिर आन्दोलन से वर्ष 1984 से जुड़े है. उन्होंने कहा कि "केंद्र सरकार के एक बड़े मंत्री, जो प्रधानमंत्री के बाद सबसे महत्वपूर्ण माने जाते हैं. उनसे मेरी बात हुई है. उन्होंने अपना नाम बताने के लिए मना किया है. उन्होंने मुझसे वायदा किया है कि 11 दिसंबर को अधिसूचना समाप्त होने के बाद हम एक बड़ा निर्णय लेने जा रहे हैं. उन मंत्री महोदय ने कहा है कि वह संतों के आशीर्वाद से दिल्ली में बैठे हैं, संतों के साथ विश्वासघात नहीं करेंगे. मुझे लगता है कि केंद्र सरकार अध्यादेश का निर्णय लेगी और राम मंदिर का निर्माण बहुत जल्द ही शुरू होगा. कोई माई का लाल राम मंदिर का निर्माण नहीं रोक सकेगा.
 
खरोंच भी ना आये किसी राम भक्त को: योगी
मंचासीन अन्य साधू संतों ने भी राम मंदिर की मांग को दोहराया. प्रतापगढ़ के राम भक्त सियाराम ने मंदिर निर्माण के लिए एक करोड़ रुपए का दान दिया. इसकी घोषणा उन्होंने कुछ दिन पहले ही कर दी थी। धर्म सभा में एक करोड़ का चेक श्री राम जन्म भूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास को सौंप दिया गया. अयोध्या में आयोजित हुई इस धर्म सभा को सकुशल संपन्न कराने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने चाक चौबंद व्यवस्था की थी। शनिवार रात में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्य सचिव , पुलिस महानिदेशक एवं प्रमुख सचिव (गृह ) को अपने सरकारी आवास पर तलब किया और अयोध्या की स्थिति के बारे में जायजा लिया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों को यह आदेश दिया था कि “किसी भी राम भक्त को खरोंच भी न आने पाए.” अपर पुलिस महानिदेशक ( कानून एवं व्यवस्था ) आनंद कुमार ने बताया कि " अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था के लिए कई जोन बनाए गए हैं. पर्याप्त संख्या में पीएसी, पुलिस , आरएएफ के जवानों को तैनात किया गया. निगरानी के लिए ड्रोन कैमरा भी लगाया गया .