यूनेस्को ने दिया कुंभ को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर का दर्जा
स्रोत:    दिनांक 13-दिसंबर-2018

 
कुंभ स्नान का एक दृश्य (फाइल चित्र)
पिछले दिनों यूनेस्को ने भारत में होने वाले कुंभ मेले को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर का दर्जा दिया है। दक्षिण कोरिया के जेजू में 4-9 दिसंबर तक हुए सम्मेलन में यह घोषणा की गई। विदेश मंत्रालय के मुताबिक यूनेस्को की विशेषज्ञ समिति ने कुंभ मेले को प्रतिनिधि सूची में शामिल करने का यह फैसला सभी सदस्य देशों की ओर से मिले प्रस्तावों की विवेचना के बाद किया। समिति ने पाया कि कुंभ मेला धरती पर सबसे बड़ा शांतिपूर्ण धार्मिक सम्मेलन है, जो सभी मौजूदा अन्तरराष्ट्रीय मानवाधिकार संधियों के अनुरूप है। इसमें बिना किसी भेदभाव के विभिन्न वर्गों के लोग भाग लेते हैं। विशेषज्ञ समिति ने माना कि एक धार्मिक आयोजन के तौर पर कुंभ मेले में जिस तरह सहिष्णुता और समायोजन नजर आता है वह पूरी दुनिया के लिए एक उदाहरण है। यूनेस्को ने इस बात को माना कि कुंभ मेले से जुड़ा ज्ञान गुरु-शिष्य परंपरा के जरिए एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचता है।