पाक अधिक्रांत कश्मीर के स्कर्दू में पाकिस्तान के खिलाफ उमड़ा जन सैलाब, आंदोलनकारी शिया नेता गिरफ्तार
स्रोत:    दिनांक 21-जनवरी-2019
मुज़्ज़फराबाद के बाद पाकिस्तान अधिक्रान्त जम्मू कश्मीर के स्कार्दू में पाकिस्तान के खिलाफ एक बड़ा जनआंदोलन खड़ा हो गया है। शुक्रवार को पाकिस्तान सरकार ने गिलगित-बलतिस्तान यूथ अलायन्स के शिया लीडर शेख हसन जोहरी को गिरफ़्तार कर लिया। जिसके बाद स्कार्दू में भारी जन सैलाब सड़क पर उतर आया, और शहर पूरी तरह थम गया।

हज़ारों लोगों ने विरोध प्रदर्शन में गिलगित-बलतिस्तान के स्थानीय लोगों ने पाकिस्तान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और स्वायत्तता वापिस बहाल करने की मांग रखी। दरअसल गिलगित बलतिस्तान के लोग स्टेट सब्जेक्ट रूल को खत्म करने और स्वायत्तता हासिल करने के लिए की पाकिस्तान की सरकार का सालों से विरोध कर रहे हैं।
जिसके तहत नवाज शरीफ सरकार की सरकार के दौरान कई आंदोलनकारियों की हत्या कर दी गयी थी। पाकिस्तान सरकार की पुलिस ने उल्टे आंदोलन के प्रणेता शेख हसन जोहरी को पाकिस्तान के खिलाफ लोगों को भड़काने का मामला दर्ज कर आवाज़ दबाने की कोशिश की थी।
 
लेकिन लोग लगातार पाकिस्तान सरकार के अत्याचारों और स्टेट सब्जेक्ट रूल को खत्म कर गिलगित बलतिस्तान में अवैध रूप से पाकिस्तानियों को बसाने के खिलाफ आंदोलन करते रहे। बीते हफ्ते पाकिस्तान सरकार ने फिर से शिया लीडर शेख हसन को गिरफ़्तार करने के लिए कई जगहों पर छापेमारी कर डराने की कोशिश की, लेकिन शेख ने खुद की गिरफ़्तारी देने को कहा, इस घोषणा के साथ कि इसी के साथ आंदोलन और तेज़ किया जाएगा।
 
दरअसल इमरान खान सरकार गिलगित बलतिस्तान में एक तरफ तो पर्यटन बढ़ाने के बहाने POJK से बाहर के लोगों को बसाकर गिलगित बलतिस्तान की डेमोग्राफी चेंज करने की कोशिश में जुटी है, दूसरी तरफ चीन की मदद से पाकिस्तान गिलगित बलतिस्तान की नदियों, मिनरल्स का दोहन करने में जुटा है। चीन सरकार की मदद ये यहां सीपेक रोड़ बनाने के बाद बांध, सीमेंट फैक्ट्री समेत खनिजों के दोहन के लिए कईं प्रोजेक्ट शुरू कर चुका है।
 
हालांकि स्टेट सब्जेक्ट रूल के मुताबिक यहां किसी दूसरे क्षेत्र का निवासी न तो ज़मीन खरीद सकता है, न ही बिज़नेस कर सकता है और न ही घर बना सकता है। लेकिन पाकिस्तान सरकार की शह पर यहां सालों से इस नियम की धज्जियां उड़ाई जाती रहीं हैं। धीरे-धीरे यहां की शिया आबादी खतरे में घिर चुकी है और पाकिस्तान के खतरनाक इरादों से वाकिफ भी हो चुकी है, इसीलिए यहां पाकिस्तान से आज़ादी का आंदोलन तेज़ होता जा रहा है। स्कार्दू शहर में विरोध प्रदर्शन इसी की बानगी है।