अपने हिसाब से इस्लाम को बदलेगा चीन , अगले 5 साल में होगा लागू
स्रोत:    दिनांक 22-जनवरी-2019
 
जिनजियांग में चीन सरकार द्वारा जगह—जगह इस तरह के चित्र लगाकर नए इस्लाम के बारे में बताया जा रहा है।  
चीन में मुसलमानों के लिए इस्लाम का नया वर्जन लाने की तैयारी चल रही है। सुनकर थोड़ा अटपटा लगता है लेकिन ये सच है, चीन जल्द ही इस्लाम का चायनीज़ वर्जन लायेगा। इसके लिए खाका तैयार कर लिया गया है। चीनी सरकार ने शनिवार को 8 इस्लामिक संगठनों के साथ मीटिंग कर एक कानून पास किया है। जिसके तहत अगले 5 सालों में इस्लाम का चायनीज वर्जन तैयार कर लिया जायेगा। चीन के तमाम मुस्लिमों को इसी इस्लाम को मानना होगा।
 
जिनजियांग में चीन सरकार द्वारा जगह—जगह इस तरह के चित्र लगाकर नए इस्लाम के बारे में बताया जा रहा है। 
कैसा होगा बदलाव?
इस योजना के तहत इस्लाम की बेसिक टीचिंग और प्रैक्टिस में बदलाव किया जायेगा।
ऐसे बदलाव किये जायेंगे, जिससे मुस्लिम अपने आप को चायनीज़ सोशललिज्म से जोड़ सके, न कि अरब के इस्लाम से।
इस वर्जन में इस्लामिक पहनावे में बदलाव, रोजमर्रा की प्रैक्टिस जैसे नमाज़ पढ़ना, रोजा रखना जैसी पारम्परिक बाध्यता को खत्म किया जायेगा।
साथ ही दाढ़ी बढ़ाने भी पांबदी की तैयारी है।
यहां तक कि मुस्लिमों को बच्चों के नाम भी चायनीज़ संस्कृति को ध्यान में रखते हुए रखने होंगे। यानी वो नाम जो कट्टर इस्लामिक लगें, उन्हें रखने पर पाबंदी होगी।
इसके बाद नास्तिक चीन में इस्लाम को आधिकारिक रूप से 5वें धर्म का दर्जा मिल जायेगा। अब तक चीन में Taoism, Buddhism, Catholicism, और Protestantism मान्यता मिली हुई है।
             जिनजियांग में चीन सरकार द्वारा जगह—जगह इस तरह के चित्र लगाकर नए इस्लाम के बारे में बताया जा रहा है। 
दरअसल चीन में 20 लाख से ज्यादा मुस्लिम रहते हैं। चीन सरकार का मानना है कि इस्लाम उनके देश के लिए खतरा है। इसके चलते सरकार ने इन पर कई तरह के प्रतिबंध लगा रखे हैं। यहां तक कि रोजा रखने से लेकर, नमाज पढ़ने के तौर-तरीकों पर पाबंदी लगा दी है। चीन सरकार इस्लाम के मौजूदा वर्जन को एक मानसिक रोग समझती है। इसके लिए चीन ने इन इलाकों में सुधार केंद्र बना रखे हैं। जहां उईगर मुस्लिमों रखा जाता है, उनको ट्रेनिंग भी दी जाती है। वहीं इस्लाम की वकालत करने वाले इन सुधार केंद्रों को लेकर दुनिया भर में आवाज उठाते रहते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक इन सुधार केंद्रों में ट्रेंनिग के नाम पर टॉर्चर किया जाता है। यहां तक की यूएन ने भी इस मामले को लेकर चीन सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। दुनिया भर में हो रही आलोचना को देखते हुए चीन सरकार ने नया प्लान तैयार किया है। जिसके तहत ही ये इस्लाम का चायनीज़ वर्जन लाने की योजना बनायी गयी है।