नेपाल का आतंक कनेक्शन
   दिनांक 16-अक्तूबर-2019
 
अब भारत में आतंकवाद की मदद के लिए नेपाल से धनराशि भेजी जा रही है. नेपाल के एक बैंक की वेबसाइट को हैक कर के 49 लाख रुपए निकाले गए. इस रकम को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जनपद में पहुंचाया गया. वहां से धनराशि को अन्यत्र ले जाया गया. इस संबंध में पुलिस ने चार आतंकी गिरफ्तार किए हैं अन्य की तलाश की जा रही है।
लखीमपुर खीरी जनपद से पकड़े गए आरोपी उम्मेद अली और समीर सलमानी बरेली के रहने वाले हैं. एराज अली व एक अन्य लखीमपुर खीरी का निवासी है.उम्मेद अली के कब्जे से 2 लाख रुपए, एक मोबाइल फोन, समीर सलमानी के कब्जे से डेढ़ लाख रुपए एक मोबाइल फोन, एराज अली के कब्जे से सवा लाख रुपए एक अन्य के कब्जे से एक लाख पैतीस हजार नेपाली रुपए और एक मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं. पुलिस ने बताया कि पहले हवाला के जरिए नेपाल के बैंक में दूसरे देश की मुद्रा जमा कराई जाती थी. फिर उसे भारतीय मुद्रा में बदल दिया जाता था. जिसके खाते में विदेशी मुद्रा जमा होती थी उसे कमीशन दिया जाता था.
पुलिस ने बताया कि पकड़े गए आरोपी बरेली निवासी फहीम, सिराजुद्दीन व सदाकत तथा लखीमपुर खीरी के मुमताज से कमीशन लेकर काम करते थे. इस गिरोह से जुड़े हुए लोग नेपाल के बैंकों में दूसरे देश की मुद्रा जमा कराते थे. जिसके खाते में रुपए जमा कराए जाते थे, उसको 5 प्रतिशत कमीशन दिया जाता था और पूरी रकम भारतीय मुद्रा में बदल कर उसे भारत में पहुंचाया जा रहा था. 10 अक्टूबर को उतर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जनपद की पुलिस और एटीएस ( एंटी टेररिस्ट स्क्वायड) को रकम भारत में लाए जाने की सूचना मिली थी. सटीक जानकारी के आधार पर चारों को गिरफ्तार कर लिया गया. कौन लोग नेपाली बैंक में दूसरे देश की मुद्रा जमा कराते थे ? लखीमपुर खीरी जनपद का रहने वाला मुमताज अभी फरार है , उसके नेपाल में कहां – कहां पर संपर्क हैं ? इन सब तथ्यों की विवेचना ए.टी.एस को दे दी गई है.
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओ.पी सिंह ने बताया कि “अभियुक्तों ने एक नेपाली बैंक की बेबसाइट को हैक कर 49 लाख रुपए निकाले थे. इस धनराशि को भारत मे आतंकी गतिविधियों के लिए भेजा गया था. 49 लाख रुपए में से जो रकम बची रह गई थी.वो इन अभियुक्तों के कब्जे से बरामद की गई है. चारों कमीशन लेकर काम करते थे. एटीएस इस गिरोह से जुड़े हुए अन्य लोगों की तलाश कर रही है।