कमलेश तिवारी के हत्यारों का अभी तक कोई सुराग नहीं
   दिनांक 19-अक्तूबर-2019

लखनऊ में हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश की तिवारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह अयोध्या मामले में पक्षकार भी थे। बताया जा रहा है तिवारी ने चार साल पहले पैंगबर पर टिप्पणी कर दी थी, इस मामले में वह जेल भी गए थे, कुछ मौलानाओं ने उनका सिर कलम करने का फतवा जारी किया हुआ था, इसके अलावा वह आतंकी संगठनों के निशाने पर भी थे। हत्या के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस अभी तक उनके हत्यारों के बारे में कुछ पता नहीं लगा सकी है।
हिन्दू वादी नेता कमलेश तिवारी को पहले गोली मारी गई. इसके बाद धारधार ह​थियार से गला रेत कर ह्त्या की गई. कमेलश तिवारी ने करीब चार साल पहले पैगम्बर पर टिप्पणी की थी सपा के शासन काल में उनके ऊपर रासुका लगाई गई थी.
घटना स्थल पर मौजूद सौराष्ट्र सिंह ने बताया कि “कमलेश तिवारी पान मसाला खाते थे. उन्होंने उसे पान मसाला लाने को कह था उनका गनर दो दिन से ड्यूटी पर नहीं आया था और दूसरा सिपाही सोया हुआ था. इसी बीच नाका इलाके में स्थित कार्यालय में दो लोग उनसे मिलने आए थे. दोनों हाथ में मिठाई का डिब्बा लिए हुए थे. मिठाई के डिब्बे पर सूरत का पता लिखा हुआ है. बाहर से देखने में लग रहा था कि उसमें मिठाई रखी होगी मगर अभियुक्तों ने उसमें धारदार चाकू और कट्टा छिपा रखा था. दोनों ने कमलेश तिवारी के साथ कुछ बातचीत भी की, इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि इनकी पहले से कुछ जान पहचान भी थी.
सी.सी.टी.वी फुटेज में जो दो लोग संदिग्ध दिखाई पड़ रहे हैं वो दोनों गेरूआ रंग का कुर्ता पहने हुए हैं. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने बताया कि “हमलावरों ने पहले तमंचे से फायर किया था मगर गोली 'मिस' कर गई. उसके बाद हमलावरों ने कमलेश तिवारी का गला रेत दिया और शरीर पर कई जगह वार करके उनकी निर्मम हत्या कर दी.” हत्या के बाद आस - पास के इलाके में आक्रोश व्याप्त हो गया. अमीनाबाद मार्केट एवं नाका आदि इलाके में बाजार को बंद करा दिया गया.
पुलिस ने बताया कि वर्ष 2017 में गुजरात की एंटी टेररिस्ट स्क्वायड (एटीएस) ने उबेद अहमद मिर्ज़ा और मोहम्मद कासिम को सूरत से गिरफ्तार किया था. उस समय एटीएस ने दावा किया था कि “इन दोनों आतंकियों का आई.एस.आई.एस. से कनेक्शन है. इन दोनों के हैंडलर ने इन्हें कमलेश तिवारी का वीडियो दिखाया था और कहा था कि यह आदमी पैगम्बर के खिलाफ बयान दे रहा है. इसे खत्म कर देना है.”
यही नहीं बिजनौर जनपद के मौलाना अनवारूल हक़ ने भी कमलेश तिवारी का सिर काट कर लाने वाले को ईनाम देने की घोषणा की थी. यह वही मौलाना था जिसे 7 नवंबर 2016 को अदालत में आत्म समर्पण करना पड़ा. वर्ष 2016 के सितम्बर माह में मौलाना अनवारूल हक को एक महिला के साथ आपत्तिजनक हालत में पकड़ा गया था. महिला ने आरोप लगाया था कि मौलाना ने इलाज के लिए बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया.