कोच्चि में याद किए गए भास्कर राव जी
   दिनांक 21-अक्तूबर-2019


 दीप प्रज्जवलित करते (सबसे दाएं) डॉ. कृष्ण गोपाल। साथ में अन्य गणमान्यजन
 
 केरल में हर समाज के व्यक्ति को जोड़ते हुए अनन्य प्रेम का उद्घोष किया। कार्यक्रम में मौजूद राज्यसभा के पूर्व सांसद श्री तरुण विजय ने कहा कि वनवासियों के कन्वर्जन
 
गत 5 अक्तूबर को केरल स्थित कोच्चि में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक रहे स्व. भास्कर राव जी के शताब्दी वर्ष समारोप कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में रा.स्व.संघ के सहसरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल उपस्थित थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भास्कर राव जी को ‘केरल के डॉक्टर जी’ के नाम से भी जाना जाता था। इसके पीछे कारण था कि उनकी जीवनशैली बहुत हद तक संघ संस्थापक डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार जी से मिलती थी। वह अनुशासन के बड़े पक्के थे। केरल में संघ कार्य को उन्होंने उस समय गति दी जब राज्य में कम्युनिस्ट और ईसाई-मुस्लिम ताकतें पुरजोर तरीके से शासन कर रही थीं। लेकिन इस सबके बावजूद वह न रुके और न डिगे, बल्कि बढ़ते रहे। उनके द्वारा किए गए सामाजिक सुधार न केवल केरल राज्य में बल्कि उत्तर-पूर्वी राज्यों के लिए भी मिसाल बन गए। कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित वरिष्ठ प्रचारक श्री रंगाहरि ने कहा कि भास्कर राव जी ने सदैव देशहित पर जोर दिया और इसके लिए कार्य किया। उन्होंने केरल में हर समाज के व्यक्ति को जोड़ते हुए अनन्य प्रेम का उद्घोष किया। कार्यक्रम में मौजूद राज्यसभा के पूर्व सांसद श्री तरुण विजय ने कहा कि वनवासियों के कन्वर्जन के पीछे पांथिक भावनाओं का कोई लेना-देना नहीं है। इसके पीछे सिर्फ एक ही उद्देश्य है हिन्दुओं और राष्ट्र को तोड़ना। इस मौके पर वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री हर्ष चौहान, वरिष्ठ प्रचारक श्री एस.सेतुमाधवन, प्रज्ञा प्रवाह के संयोजक श्री जे. नंदकुमार सहित अनेक विशिष्ट लोगों ने भास्कर राव जी को श्रद्धासुमन अर्पित किए।  प्रतिनिधि