शस्त्र, शास्त्र, अध्यात्म और विज्ञान के साथ आगे बढ़ने का संकल्प
    दिनांक 21-अक्तूबर-2019
मंच पर उपस्थित मातृशक्ति
 
 
हमें शस्त्र, शास्त्र, विज्ञान, और अध्यात्म के विविध क्षेत्र का ज्ञान अर्जित कर आगे बढ़ना होगा।
 
पिछले दिनों राष्ट्र सेविका समिति, दिल्ली प्रान्त के पूर्वी विभाग द्वारा गणेश नगर में विजयादशमी के उपलक्ष्य में शस्त्र पूजन एवं पथ संचलन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित थीं राष्ट्र सेविका समिति की अखिल भारतीय सह कार्यवाहिका रेखा राजे। कार्यक्रम में अपने विचार रखते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्र की रक्षा शस्त्र और शास्त्र दोनों से होगी। हमें शस्त्र, शास्त्र, विज्ञान, और अध्यात्म के विविध क्षेत्र का ज्ञान अर्जित कर आगे बढ़ना होगा। पहले विदेश से छात्र भारत में पढ़ने आते थे, लेकिन अब विदेश में पढ़ने जाते हैं, इससे प्रतिभा का पलायन होता है। आज इसे रोकने की आवश्यकता है। देश की भाषा और संस्कृति को बचाने का काम विशेष रूप से देश की महिलाओं का है। कार्यक्रम की अध्यक्ष दिल्ली कॉन्वेंट स्कूल, पांडव नगर की निवर्तमान प्रधानाचार्य आशा अरोड़ा ने कहा कि हम विजयादशमी हर साल मनाते हैं, लेकिन यह नहीं सोचते कि हमारे बच्चे श्रीराम जैसे क्यों नहीं बन रहे? इसके कारणों पर विचार कर इन गलतियों को दूर करने की आवश्यकता है। इसलिए यह प्रण करना होगा कि हम अपने बच्चों में अच्छे संस्कार डालेंगे। प्रतिनिधि
 
 
दिल्ली में संत रविदास मंदिर के पुनर्निर्माण की मांग
 
गत 7 अक्तूबर को नई दिल्ली स्थित संत रविदास मंदिर के पुनर्निर्माण हेतु विश्व हिन्दू परिषद् के अंतरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष श्री आलोक कुमार के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री श्री हरदीप पुरी से मिला। हिन्दू, सिख, जैन, बौद्ध एवं अन्य मत-पंथ, सम्प्रदायों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के इस प्रतिनिधिमण्डल ने श्री पुरी से एक ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि संत रविदास मंदिर का पुन: निर्माण हो, उसमें पूजन की यथा-योग्य व्यवस्था हो, वहां के सरोवर का जीर्णोद्धार हो तथा समाधियों को अविलम्ब ठीक किया जाए। प्रतिनिधिमंडल ने भारत सरकार से कहा कि वह सर्वोच्च न्यायालय की सहमति के अनुसार अपने अटॉर्नी जनरल के माध्यम से उसे (सर्वोच्च न्यायालय को) संत शिरोमणि रविदास जी के मंदिर के पुनर्निर्माण के संबंध में सूचित कर विश्वभर के हिन्दू जन-मानस की भावनाओं का आदर करे। क्योंकि पुरातन मन्दिर के तोड़े जाने से क्षुब्ध श्रद्धालुओं द्वारा विश्वभर में प्रतिक्रियाएं हुई हैं। इसलिए मंदिर का पुनर्निर्माण शीघ्र हो। ल्ल प्रतिनिधि