'भारत को आगे ले जाने के लिए सभी को करना है कार्य
   दिनांक 09-अक्तूबर-2019
 
शिविर को संबोधित करते श्री मोहनराव भागवत (सबसे बाएं )। मंच पर विराजमान हैं स्वामी रामदेव जी एवं अन्य संतजन
 
 
गत 26 सितंबर को पतंजलि योगपीठ, हरिद्वार द्वारा साधु स्वास्थ्य संगम शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य रूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक श्री मोहनराव भागवत उपस्थित थे। कार्यक्रम में संस्कृत विषय पर विचार रखते हुए उन्होंने कहा कि संस्कृत कंठस्थ करने का बहुत लाभ है। आपकी वाणी शुद्ध होने से आपकी बुद्धि शुद्ध होने तक सारी बातें केवल इसको रटने से होती हैं। आज ये बालक रटेंगे, लेकिन बड़े होते-होते यह सोचेंगे कि हम क्या रट रहे हैं। इन्हें इसके अर्थ का पता होना चाहिए तो वह अर्थ कितना भव्य है, यह धीरे-धीरे इनके ध्यान में आएगा और यह एक प्रकार से कर्म योग है। इसको निष्ठापूर्वक करना, फल की चिंता नहीं करना और इसको रटना। इसमें ज्ञान समाया हुआ है।
 
उन्होंने कहा कि निश्चय भक्ति के सामर्थ्य से आता है। यह सतत स्मरण में रखिए कि हम सब यह किसलिए कर रहे हैं कि भारतवर्ष वेदों के आदेश को पूरा करने लायक बने और यह आदेश है कि सारा विश्व एक घर बने।
 
यह संस्कृति, ज्ञान, यह कर्म का तरीका, यह सारे विश्व में पहुंचाने वाला भारतवर्ष उसके लिए मैं कर्म रहा हूं। यह भगवान की इच्छा है, उसके लिए हम काम कर रहे हैं और इसलिए अहंकार, विकार इन सबसे दूर रहेंगे तो भटकाव नहीं आएगा, भक्ति रहेगी तो ज्ञान और कर्म सफल होगा। इस अवसर पर स्वामी रामदेव ने भी उपस्थित लोगों को संबोधित किया। प्रतिनिधि