कुशीनगर जनपद की मस्जिद में इनवर्टर की बैटरी नहीं बल्कि बारूद से हुआ था धमाका
   दिनांक 15-नवंबर-2019

 
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए चार संदिग्ध अन्य की तलाश जारी है
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जनपद में एक मस्जिद के अन्दर 11 नवंबर को विस्फोट हुआ. घटना के दिन पुलिस को यह लग रहा था कि मस्जिद के अन्दर इनवर्टर की बैटरी में विस्फोट हुआ है. लेकिन बाद में जब गहन छानबीन की गई तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आये. अब जो खुलासा हुआ है, उसके मुताबिक़ मस्जिद के अन्दर विस्फोट इनवर्टर की बैटरी से नहीं बल्कि बारूद की वजह से हुआ. मस्जिद के अन्दर करीब 10 किलोग्राम से ज्यादा बारूद लाकर रखा गया था. मस्जिद में विस्फोटक पदार्थ होने की सूचना के बाद से इंटेलिजेंस एवं अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी सक्रिय हो गईं हैं. बारूद मस्जिद के मौलवी ने ही लाकर रखा था. इस मामले में चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है.
कुशीनगर जनपद के थाना तुर्कपट्टी क्षेत्र के अंतर्गत अवरवा सोफीगंज गावं में स्थित मस्जिद में 11 नवम्बर को दिन में साढ़े बारह बजे तेज धमाका हुआ. धमाके के बाद आस - पास के इलाके में अफरा - तफरी मच गई थी. मौके पर निरीक्षण के दौरान जब इनवर्टर की बैटरी सुरक्षित पाई गई तब पुलिस को शक हुआ. इसके बाद कुशीनगर के पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मिश्र ने घटना स्थल का निरीक्षण किया और इस मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी. घटना के अगले दिन 12 नवम्बर को गोरखपुर जनपद से बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचा. बम निरोधक दस्ते ने मौके का गहन निरीक्षण करने के बाद बताया कि उक्त विस्फोट , बारूद से हुआ था. बारूद के विस्फोट से ही मस्जिद के छत और शीशे में दरार पड़ी थी.
इसके बाद पुलिस ने मस्जिद के मौलाना अजीमुद्दीन , जावेद , आशिक और इज़हार को गिरफ्तार कर लिया. मौलाना अजीमुद्दीन ने पुलिस को बताया कि मौलाना कुतुबुद्दीन अंसारी ने बारूद एक बोरी में लाकर दिया था और कहा था कि इससे बड़ा काम करना है. बारूद की बोरी, छत में लगे पंखे से टांग कर रखी गई थी. कुतुबुद्दीन अंसारी पश्चिम बंगाल का रहने वाला है. घटना के बाद से कुतुबुद्दीन और उसके दो अन्य साथी फरार हैं.