मुम्बई में पुस्तक 'शिदोरी' का लोकार्पण
   दिनांक 25-नवंबर-2019
 
 
पुस्तक का विमोचन करते (बाएं से दूसरे) श्री बाबा साहब पुरंदरे एवं श्री भैयाजी जोशी
 
यह पुस्तक हमारे जीवन को दिशा देगी। कार्यक्रम में उपस्थित श्री बाबासाहेब पुरंदरे ने कहा कि लेखक के कतृर्त्व और वक्तृत्व की सुगंध पुस्तक में छायी है।  
 
''विश्व में केवल ईश्वरीय शक्ति का संकल्प पूरा होता है, आसुरी शक्ति का संकल्प कदापि पूरा नहीं होता। कई बार यह आसुरी शक्ति हमें प्रभावी होती दिखाई देती है, परंतु वह विजयी नहीं होती।'' उक्त बात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह श्री भैयाजी जोशी ने कही। वे गत दिनों मुंबई में सुरेश हावरे द्वारा लिखित 'शिदोरी' पुस्तक का लोकार्पण करने के बाद अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर इतिहासकार एवं लेखक श्री बाबासाहब पुरंदरे एवं मराठी के वरिष्ठ लेखक मधु मंगेश कर्णिक भी उपस्थित थे। श्री भैयाजी जोशी ने आगे कहा कि भारत में हिन्दू के नाते से जन्म लेना, यह हम सबका सौभाग्य है। ईश्वरीय शक्ति हमारी परीक्षा लेती है। ठीक उसी तरह भगवान श्रीराम ने सैकड़ों वर्ष तक हमारी परीक्षा ली है। लेकिन अब हम राम मंदिर को प्रत्यक्ष साकार होता हुआ देख पाएंगे, यह भी हमारा सौभाग्य ही है। लगभग चार सौ वर्ष की परतंत्रता से स्वतंत्र होकर हम आज समृद्धि की ओर चल पड़े हैं। मंदिर अवश्य बनेगा। सौभाग्य से इस परिवर्तन से, ईश्वरीय मालिका से हम जुड़ गए हैं। यह हावरे जी की रामभक्ति का प्रभाव है कि उन्हें यह अवसर प्राप्त हुआ। यह पुस्तक हमारे जीवन को दिशा देगी। कार्यक्रम में उपस्थित श्री बाबासाहेब पुरंदरे ने कहा कि लेखक के कतृर्त्व और वक्तृत्व की सुगंध पुस्तक में छायी है। लेखक श्री सुरेश हावरे ने कहा कि रामजन्मभूमि पर सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का दिन और अनुच्छेद 370 का समाप्त होना, ये दोनों दिन मेरे लिए आनंद के दिन हैं। (विसंकें, मुंबई)