दत्तोपंत ठेंगड़ी जन्मशताब्दी समारोह का शुभारंभ
   दिनांक 25-नवंबर-2019
 
 
कार्यक्रम को संबोधित करते श्री मोहनराव भागवत 
 
 
जन्म शताब्दी वर्ष मनाने का आशय सिर्फ उनके प्रति कृतज्ञता जताना नहीं है, बल्कि इस आयोजन के माध्यम से उनके विचारों को लोगों के बीच लेकर जाना है। मूल्यों का ध्यान रख, उन पर कायम रहते हुए परिवर्तन करना है। 
 
''दत्तोपंत ठेंगड़ी जी संघ परिवार की उन विभूतियों में आते हैं, जिनमें तत्व चिंतक, उत्कृष्ट व्यक्तित्व और बेहतर संगठक के गुण थे। उनके सम्पर्क में जो भी रहा, उसे कुछ न कुछ सीखने को ही मिला। उन्हें स्नेह, करुणा और नेतृत्व के गुण अपने परिवार से मिले। इन सब गुणों के बावजूद, आयु व दायित्व में बड़े होने पर भी वे अपनों के लिये अलौकिक न होकर लौकिक व समान रहकर लोगों के बीच उन जैसा ही बनकर पहंुचे। ऐसे व्यक्तित्व का जन्म शताब्दी वर्ष मनाने का आशय सिर्फ उनके प्रति कृतज्ञता जताना नहीं है, बल्कि इस आयोजन के माध्यम से उनके विचारों को लोगों के बीच लेकर जाना है। मूल्यों का ध्यान रख, उन पर कायम रहते हुए परिवर्तन करना है।'' उक्त बात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक श्री मोहनराव भागवत ने कही। वे गत सप्ताह महर्षि व्यास सभागृह, रेशिमबाग-नागपुर में दत्तोपंत ठेंगड़ी जन्मशताब्दी समारोह के शुभारंभ अवसर पर बोल रहे थे।
 
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि एक महान व्यक्ति के विचारों को समाज तक लेकर जाना इतना आसान नहीं है। समाज इसे पूर्ण विश्वास के साथ ग्रहण करे, इसके लिए जरूरी है कि पहले हम ही उन विचारों को आत्मसात करें। उनकी बताई दिशा में चलकर ही उनके विचारों की सत्यता साबित कर सकते हैं।
 
कार्यक्रम में उपस्थित जन्म शताब्दी समारोह आयोजन समिति की अध्यक्ष एवं पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि ठेंगड़ी जी अपने आप में एक संगठन थे। एक बड़ा व्यक्तित्व होने के बावजूद वे आखिरी वक्त तक खुद को सिर्फ एक स्वयंसेवक ही मानते रहे। वे हमेशा कार्यकर्ताओं को यही संदेश देते थे कि संगठन का काम करना है तो खुद को नियमों में बांधो, क्योंकि यह ईश्वरीय कार्य है। उन्होंने उन्हें समरसता का समर्थक बताते हुए कहा कि ठेंगड़ी जी के विचार में हिन्दुत्व के विचारों का श्रेष्ठ रसायन समरसता है। उनकी सोच दूरगामी थी, वे वास्तव में राष्ट्रऋषि थे।
 
इस अवसर पर उनके व्यक्तित्व पर बने वृत्तचित्र, वेबसाइट व प्रदर्शनी का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का संचालन भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री दिनेश कुलकर्णी ने किया। -(विसंकें, नागपुर)