ठेंगड़ी जी ने श्रमिक आंदोलन को दी सकारात्मक दिशा
   दिनांक 25-नवंबर-2019
 
 
समारोह को संबोधित करते श्री एम.वेकैंया नायडू। मंच पर विराजमान हैं अन्य अतिथि
 
 
नई दिल्ली में दत्तोपंत ठेंगड़ी जन्मशताब्दी समारोह के अंतर्गत एक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसका उद्घाटन उपराष्ट्रपति एम. वेकैंया नायडू ने किया। 
 
पिछले दिनों नई दिल्ली में दत्तोपंत ठेंगड़ी जन्मशताब्दी समारोह के अंतर्गत एक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसका उद्घाटन उपराष्ट्रपति एम. वेकैंया नायडू ने किया। इस अवसर पर उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यदि हम देश के लिए संपदा निर्माण करने वाले किसानों और मजदूरों के स्वास्थ्य की अधिक चिंता करें तो वे और भी अधिक संपदा का निर्माण करेंगे। ठेंगड़ी जी ने देश के श्रमिक आंदोलन को एक सकारात्मक दिशा दी और उसे आंदोलनों तथा हड़तालों से बाहर निकालकर देश के रचनात्मक विकास में सहभागी बनने के लिए प्रेरित किया। यह ठेंगड़ी जी के श्रम का ही परिणाम है कि आज उनके द्वारा स्थापित भारतीय मजदूर संघ देश का सबसे बड़ा श्रम संगठन है। कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि ठेंगड़ी जी कहा करते थे कि आधुनिकीकरण का अभिप्राय पश्चिमीकरण नहीं है। वे एक विचारक और संगठक दोनों थे। इसके अलावा वे एक श्रेष्ठ मानव और अभिभावक भी थे। सामान्य बीड़ी मजदूर की भी वे उसी प्रकार चिंता करते थे, जिस प्रकार अन्य लोगों की। उनके जीवन काल में संगठन की ओर से उन्हें जो भी कार्य दिया गया, उसे उन्होंने सफलतापूर्वक अंजाम दिया। आपातकाल में उन्होंने भूमिगत आंदोलन का सशक्त नेतृत्व किया। वे एक विचारक के साथ-साथ अध्येता भी थे। अपने अनुभव वे पुस्तकों में संकलित किया करते थे। वे स्वदेशी आंदोलन के जनक थे। इसके माध्यम से उन्होंने देश में आर्थिक आजादी के आंदोलन की शुरुआत की। पं. दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद की उन्होंने बहुत ही स्पष्ट व्याख्या की। इस अवसर पर जन्मशताब्दी समारोह समिति दिल्ली प्रदेश के अध्यक्ष एवं गुजरात के पूर्व राज्यपाल प्रो. ओमप्रकाश कोहली, भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सी.के. सजी नारायणन, भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय महामंत्री श्री बद्रीनारायण एवं गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा सहित अनेक लोग उपस्थित थे। -प्रतिनिधि