आगरा में संपन्न हुआ अभाविप का 65वां अधिवेशन
   दिनांक 11-दिसंबर-2019
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पत्रकार वार्ता को संबोधित करतीं (मध्य में) निधि त्रिपाठी
 
प्रमुख रूप से चार प्रस्ताव पारित किए गए। पहले प्रस्ताव में राज्य के विश्वविद्यालयों के संवर्धन पर जोर दिया गया। 
 
पिछले दिनों आगरा में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का 65वां राष्ट्रीय अधिवेशन संपन्न हुआ। इस दौरान प्रमुख रूप से चार प्रस्ताव पारित किए गए। पहले प्रस्ताव में राज्य के विश्वविद्यालयों के संवर्धन पर जोर दिया गया। मांग की गई कि राज्य और केन्द्रीय विश्वविद्यालयों का शैक्षिक कैलेंडर एक समान हो। दूसरा पारित प्रस्ताव, वर्तमान राष्ट्रीय परिदृश्य पर केन्द्रित था। इसमें कहा गया कि एनआरसी को पूरे देश में लागू किया जाए। तीसरे में, जम्मू एवं कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाने का स्वागत करते हुए सरकार से मांग की गई कि यहां आतंकवाद पीडि़त परिवारों को समुचित मदद उपलब्ध हो। चौथे प्रस्ताव में श्रीराम जन्मभूमि पर सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय पर सभी समुदायों का अभिनंदन किया गया। इस मौके पर 'यूथ हॉस्टल' में आयोजित पत्रकार वार्ता में अ.भा. विद्यार्थी परिषद् की राष्ट्रीय महामंत्री निधि त्रिपाठी ने बताया कि इस सबके साथ ही जलियांवाला बाग नरसंहार कांड के 100 साल पूरे होने पर जलियांवाला बाग की मिट्टी देश के हर स्कूल-कॉलेज में भेजी गई है। उन्होंने बताया कि अभाविप ने कर्नाटक में स्कूल बेल अभियान गोद लिया था। इस अभियान के माध्यम से छात्र और शिक्षकों के अभाव में बंद होने जा रहे सैकड़ों विद्यालयों को पुनर्जीवित किया गया है। इस अभियान में एनएसएस, एनसीसी आदि ने भाग लिया। इस साल जिस राज्य में आवश्यकता होगी, वहां स्कूल बेल अभियान चलाया जाएगा। छात्रों को विद्यालय आने के लिए प्रेरित किया जाएगा और शिक्षा के प्रति रुचि जगाई जाएगी।