सेवा के बदले कुछ प्राप्त करने की कामना है व्यापार
   दिनांक 11-दिसंबर-2019
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सोनोग्राफी मशीन के शुभारंभ कार्यक्रम में उपस्थित विशिष्टजन 
 
डॉ. अशोक पानगडि़या ने कहा कि पूरे मनोभाव के साथ सेवा कार्य करने से ईश्वर का शुभाशीष मिलता है।  
 
पिछले दिनों राजस्थान स्वास्थ्य विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति पद्मश्री डॉ. अशोक पानगडि़या, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र प्रचारक व अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य श्री दुर्गादास व विधायक कालीचरण सर्राफ ने सेवा भारती द्वारा जयपुर स्थित सेवासदन में संचालित स्वास्थ्य जांच व परामर्श केन्द्र में सोनोग्राफी मशीन का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित श्री दुर्गादास ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय दर्शन में सेवा को विशेष महत्व दिया गया है। स्वयं किया गया सेवा कार्य ही सर्वश्रेष्ठ माना गया है। अभाव की पूर्ति का नाम ही सेवा है। समाज में चलने वाले ये सेवा कार्य पुण्य प्राप्ति के लिए नहीं, बल्कि परोपकार के लिए हैं। सेवा के बदले कुछ प्राप्त करने की कामना व्यापार कहलाती है, लेकिन नि:स्वार्थ भाव से जरूरतमंदों की मदद करना सबसे बड़ा सेवा कार्य होता है। सेवा कार्य जिन जरूरतमंद लोगों के लिए किया जाता है उसका पहला उद्देश्य उस सेवित व्यक्ति को आत्मनिर्भर व सक्षम बनाना है। वहीं मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित डॉ. अशोक पानगडि़या ने कहा कि पूरे मनोभाव के साथ सेवा कार्य करने से ईश्वर का शुभाशीष मिलता है। उन्होंने कहा कि जब मस्तिष्क का उच्च स्थान सेवा भाव से जुड़ जाता है तो मनुष्य के अंदर के सारे बुरे विचार स्वत: समाप्त हो जाते हैं। मेरा अनुभव है कि सेवा कार्य करने वाले लोग दीर्घायु होते हैं। इस सबको देखते हुए हमें समाज के जरूरतमंद वर्ग के लिए सेवा कार्य करते हुए उनके उत्थान हेतु हरसंभव प्रयास करना होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूर्व चिकित्सा मंत्री व विधायक श्री कालीचरण सर्राफ व सेवा भारती के अध्यक्ष श्री कैलाश शर्मा ने भी विचार व्यक्त किए। इस दौरान संघ के क्षेत्रीय सेवा प्रमुख श्री शिवलहरी, प्रांत प्रचारक डॉ. शैलेन्द्र समेत अन्य प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।