वैर से वैर समाप्त नहीं होता
   दिनांक 16-दिसंबर-2019
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समारोह को संबोधित करते डॉ. कृष्ण गोपाल
 
सामाजिक समरसता मंच द्वारा संविधान निर्माता भारतरत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर के निर्वाण दिवस पर व्याख्यान का आयोजन किया गया।
 
गत दिनों इंदौर में सामाजिक समरसता मंच द्वारा संविधान निर्माता भारतरत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर के निर्वाण दिवस पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्णगोपाल उपस्थित थे। समाज को डॉ. आंबेडकर के योगदान की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि वैर से वैर समाप्त नहीं होता, यह चिंतन समाज के प्रति डॉ. आम्बेडकर का था। यकीनन समाज सुधारक को सम्मान नहीं मिलता, उसका मार्ग कठिन है, जबकि राजनेता को सम्मान मिलता है। डॉ. आंबेडकर के विचारों के अनुसार वर्ग संघर्ष से विकास और हिंसा से अधिकार नहीं मिलेगा, सब कुछ समन्वय और सहकार से प्राप्त हो सकता है। डॉ. आम्बेडकर के जीवन में उनके बचपन में दो शिक्षकों ने उन्हें अध्ययन करने के लिए बहुत सहयोग किया, जो योगायोग से ब्राह्मण थे। समाज में अनेक ऐसे लोग होंगे जिनके साथ ऐसा हुआ होगा। समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने हमारा सहयोग किया होगा और आज भी हमारे मन में उनके प्रति अनन्य सम्मान है। इन सब बातों को हमें ध्यान रखना है और जाति-वर्ग से ऊपर उठकर देश और समाज के लिए कार्य करना है। कार्यक्रम का संचालन सामाजिक समरसता मंच के श्री लोकेश सोलंकी ने किया। कार्यक्रम की प्रस्तावना एवं परिचय श्री हेमंत मालवीय द्वारा रखी गई।
विसंके, इंदौर