राष्ट्र का निर्माण करने की दिशा में संघ
   दिनांक 16-दिसंबर-2019
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               शाखा कुंभ में विचार व्यक्त करते श्री अनिल
 
 
आज देश में जो भी परिवर्तन दिखाई दे रहा है, उसके मूल में संघ की शाखा है। संघ कोई नई व्यवस्था नहीं देना चाहता, संघ तो स्वामी विवेकानंद एवं महामना मदनमोहन मालवीय के विचारों के राष्ट्र का निर्माण करने की दिशा में कार्य कर रहा है।  
 
पिछले दिनों रा.स्व.संघ, प्रयागराज की ओर से त्रिवेणी संगम के तट पर शाखा कुंभ का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रयाग उत्तर एवं दक्षिण के 29 नगरों से आए हजारों स्वयंसेवकों ने अलग-अलग ध्वज, लेकिन एक आदेश पर अपना कार्यक्रम प्रस्तुत कर अनुशासन एवं व्यवस्था का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे क्षेत्र प्रचारक श्री अनिल। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आज देश में जो भी परिवर्तन दिखाई दे रहा है, उसके मूल में संघ की शाखा है। संघ कोई नई व्यवस्था नहीं देना चाहता, संघ तो स्वामी विवेकानंद एवं महामना मदनमोहन मालवीय के विचारों के राष्ट्र का निर्माण करने की दिशा में कार्य कर रहा है। स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि सज्जन शक्तियों को एक स्थान पर एकत्रित कर भारत माता की जय बोलने वाला एक तंत्र खड़ा करना होगा। जिस दिन ऐसा तंत्र खड़ा हो जाएगा उस दिन भारत माता परतंत्रता की बेडि़यों से मुक्त हो जाएंगी तथा देश की आजादी हमेशा के लिए अक्षुण्ण हो जाएगी।
बलात्कार पर राजनीति कांग्रेस की विकृत मानसिकता का परिचायक
विश्व हिन्दू परिषद् (विहिप) ने देश में बलात्कार की घटनाओं पर रोष व्यक्त करते हुए इस विषय को संसद में साम्प्रदायिक रूप देने वाली कांग्रेस से माफी मांगने की मांग की है। विहिप की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में अंतरराष्ट्रीय संयुक्त महासचिव डॉ. सुरेन्द्र जैन ने कहा कि देश में बलात्कार की बढ़ती हुई घटनाओं पर संपूर्ण देश दु:खी है और अपराधियों को कठोरतम दंड देने की मांग कर रहा है। परंतु, पीडि़ताओं की क्रूर हत्या पर राजनीति करना घृणित है। लोकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी का यह कथन, ''एक ओर मंदिर निर्माण की तैयारी चल रही थी और दूसरी ओर सीता को जिंदा जलाया जा रहा था'', घोर निंदनीय और आपत्तिजनक है। इन दोनों विषयों में कोई साम्य न होने के बावजूद जिस तरह इनको जोड़ा गया, वह उनकी विकृत मानसिकता को दर्शाता है। उनका यह बयान न केवल सीता माता का अपमान है, बल्कि इस विषय पर देश की संवेदनाओं को भी आघात पहुंचाता है। डॉ. जैन ने कहा कि बलात्कार जैसे संवेदनशील विषय पर लोकसभा में हुई चर्चा को कुछ सांसदों ने जिस तरह से सांप्रदायिक व राजनैतिक रंग देने की कोशिश की है, उस पर विश्व हिन्दू परिषद चिंता व्यक्त करती है। कुछ सांसदों के वक्तव्य व व्यवहार उनकी मानसिकता को स्पष्ट करते हैं। विश्व हिन्दू परिषद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मांग करती है कि वे स्पष्ट करें कि क्या अधीर रंजन चौधरी का बयान व व्यवहार कांग्रेस के चिंतन के अनुकूल है। यदि नहीं तो उन्हें इस बयान के लिए संपूर्ण देश, विशेषकर महिलाओं से, क्षमा याचना करनी चाहिए ।