राष्ट्र सेविका समिति ने जगाया महिलाओं में जोश
   दिनांक 02-दिसंबर-2019

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‘मर्णिकाणका- एक निरंतर दौड़ देश के लिए’ में सम्मिलित युवतियां
 
 
महारानी लक्ष्मीबाई महान योद्धा और कुशल रणनीतिकार ही नहीं, कुशल प्रशासक, सक्षम प्रजापालक भी थीं।  
 
 
पिछले दिनों राष्ट्र सेविका समिति, दिल्ली के तरुणी विभाग एवं शरण्या (समाज उत्थान संस्थान) के संयुक्त तत्वावधान में वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की जयंती के उपलक्ष्य में ‘मणिकर्णिका-एक निरंतर दौड़ देश के लिए’ का आयोजन किया गया। इस 5 किलोमीटर लंबी दौड़ में करीब 2,000 युवतियों और महिलाओं ने भाग लिया। दौड़ के उपरांत पांच प्रथम, 15 द्वितीय और 25 तृतीय पुरस्कार दिए गए। इस मौके पर राष्ट्र सेविका समिति, दिल्ली की प्रांत प्रचारिका विजया शर्मा ने महारानी लक्ष्मीबाई के संघर्ष और बलिदान की गौरव गाथा सुनाते हुए युवतियों को उनसे प्रेरणा लेने और राष्ट्र के लिए अपना जीवन समर्पित करने का आह्वान किया।
 
उन्होंने कहा कि विदुषी महारानी लक्ष्मीबाई महान योद्धा और कुशल रणनीतिकार ही नहीं, कुशल प्रशासक और सक्षम प्रजापालक भी थीं। जीवन के हर क्षेत्र में, हर मोड़ पर वे हमें प्रेरणा देती हैं। नेता जी सुभाष चंद्र बोस ने जब महिला शाखा का गठन किया तो उसे नाम दिया-रानी झांसी रेजीमेंट। इस रेजीमेंट की प्रमुख का नाम भी लक्ष्मी (लक्ष्मी सहगल) ही था। इस अवसर पर उपस्थित प्रांत कार्यवाहिका सुनीता भाटिया ने कहा कि हर महिला में एक महारानी लक्ष्मीबाई छिपी है जो हालात से संघर्ष करना जानती है, आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है, आवश्यकता है सिर्फ इसे जगाने की। मणिकर्णिका दौड़ ऐसा ही एक प्रयास है। उन्हें उनकी आंतरिक शक्ति का अहसास दिलाने का, प्रेरणा देने का कि वे भी कठिन से कठिन परिस्थिति में सफल हो सकती हैं।
 
इस अवसर पर लेफ्टिनेंट मंजू, पहलवान टीना शर्मा, बी.बी.बुलबुल (सुप्रसिद्ध पहलवान) और राजलक्ष्मी ने दौड़ को हरी झंडी दिखाकर उसका शुभारंभ किया। कार्यक्रम की अध्यक्ष थीं डॉक्टर रजनी सरीन।