युवाओं को नशा नहीं संस्कारों को अपनाना पड़ेगा
   दिनांक 23-दिसंबर-2019
 
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दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ करते राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय
 
भारत की परिकल्पना को बदल सकते हैं। कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री श्री महेन्द्र पांडे ने श्री सुनील उपाध्याय के समय में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में अभाविप के सांगठनिक कार्य की विस्तार से चर्चा की
 
 
''भारत युवाओं का देश है। 2030 तक विश्व में सबसे अधिक युवाओं वाला देश भारत होगा। युवा शक्ति का सही उपयोग करने के लिए युवाओं को नशे के स्थान पर संस्कारों को अपनाना पड़ेगा।'' उक्त बात हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय ने कही। वे पिछले दिनों गेयटी थियेटर, शिमला में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् द्वारा सुनील उपाध्याय ट्रस्ट के तत्वावधान में 'भारत की परिकल्पना-नशामुक्त संस्कारयुक्त युवा' विषय पर आयोजित संगोष्ठी को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने युवाओं को संदेश दिया था कि भारत एक श्रेष्ठ राष्ट्र है। यहां उच्च भारतीय मूल्य विद्यमान रहे हैं। विवेकानंद ने कहा था कि उनको यदि देश पर बलिदान होने वाले कुछ युवा मिल जाएं तो वह भारत की परिकल्पना को बदल सकते हैं। कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री श्री महेन्द्र पांडे ने श्री सुनील उपाध्याय के समय में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में अभाविप के सांगठनिक कार्य की विस्तार से चर्चा की। युवाओं में नशे की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि 37 प्रतिशत युवा गरीबी रेखा के नीचे होने के बावजूद नशे की चपेट में आ चुके हैं। ऐसे में युवाओं को नशे की दुष्प्रवृत्ति से बाहर आना होगा। इस अवसर पर पूर्व परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नागेश ठाकुर ने भी अपने विचार रखे। -विसंके, शिमला