'मुल्ला का इस्लाम मुसलमानों को गुनाह के रास्ते पर ले जा रहा है'
    दिनांक 28-दिसंबर-2019
तारिफ फतेह कहते हैं भारत के ज्यादातर मुसलमान अल्ला के इस्लाम को न मानते हुए मुल्ला के इस्लाम को मानते है जो उन्हें गुनाह के रास्ते पर ले जा रहा है

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नागरिकता विधेयक 2019 यानी सीएए पर देशभर में विरोध प्रदर्शन के नाम पर जो भी हुआ उसके पीछे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ है। इस्लामिक संगठन पॉपुलर फ्रंट आफ इंडिया और प्रतिबंधित सिमी जैसे मुस्लिम संगठनों ने आईएसआई की शह पर देश के विभिन्न शहरों में हिंसा और आगजनी की गई। पाकिस्तानी मूल के विचारक और इस्लामिक विद्वान तारिक फतेह ने भी स्पष्ट कहा कि इसके पीछे आईएसआई का हाथ है। 25 दिसंबर को इंडियन सेंटर फॉर पोलिसी स्टेडीज द्वारा सीएए पर आयोजित एक सेमिनार के दौरान यह बात कही।
उन्होंने कहा कि भारतीय मुसलमानों को भारत के कानून और संविधान के हिसाब से चलना चाहिए तभी वह सच्चे भारतीय कहे जाएंगे। उन्होंने कहा कि भारत में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में जो प्रदर्शन और दंगे हो रहे है उनके पीछे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ है जो भारत के बड़े शहरों में दंगे कराने का षड़यंत्र रच रही है। तारिक फतेह ने कहा कि भारत के मुसलमानों को इस कानून पर सरकार का खुलकर साथ देना चाहिए और जो दल इसका विरोध कर रहे है उन्हें नकारना चाहिए। भारत की प्राचीन सभ्यता और गौरवशाली इतिहास के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारत के लोगों की प्राचीन काल से ही यह नीति रही है कि उन्होंने कभी किसी दूसरे समुदाय पर हमला नहीं किया और न ही किसी धर्म का विरोध किया जबकि आज दुनियाभर में इस्लामिक मुल्कों में भीषण रक्तपात मचा हुआ है जो गैर वाजिब है। उन्होंने कहा कि भारत के ज्यादातर मुसलमान अल्ला के इस्लाम को न मानते हुए मुल्ला के इस्लाम को मानते है जो उन्हें गुनाह के रास्ते पर ले जा रहा है। नागरिकता संशोधन कानून को बेहज जरूरी बताते हुए उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश में अगर इस्लामिक देशों के सताए हुए लोगों को शरण नहीं दी जाएगी तो वह कहां जाएंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि सीएए पर जिस तरह से जामिया, एएमयू और दूसरी यूनीवर्सिटी के छात्र विरोध कर रहे है वह यह दर्शाता है कि मुस्लिम छात्रों को भारत के कानून और सरकार पर भरोसा नहीं है जबकि वही सरकार लगातार उनकी बेहतरी और शिक्षा के लिए काम कर रही है। सेमीनार में तारिक फतेह ने लोगों के सवालों के उत्तर भी दिए। इस अवसर पर उन्होंने पाकिस्तान से आए लोगों का शाल उढाकर सम्मान किया। सेमिनार का संचालन जानी-मानी टी वी पैनलिस्ट एवम सामाजिक कार्यकर्ता अंबर जैदी ने किया और संचालन संघ के प्रचार प्रमुख रितेश अग्रवाल ने किया। इंडियन सेंटर फॉर पॉलिसी स्टडीज की तरफ से आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. आशीष भावे ने की। इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार अतुल सिंघल ने कहा कि तारिक फतेह जैसे इस्लामिक विद्वानों से मुस्लिम तबके के लोगों को प्रेऱणा लेनी चाहिए। ये कार्यक्रम इंडिया सेंटर फॉर पालिसी स्टडीज की टीम की सक्रिय भागीदारी से सफल हुआ जिसमें श्री अक्षय कुमार अग्रवाल, देवराज सिंह, डॉ गीता सहारे, डॉ पी वी आर्या एवम डॉ चंद्रकांता की महत्वपूर्ण भूमिका रही।