वैदिक गणित के प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक की
   दिनांक 30-दिसंबर-2019
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 सम्मेलन में शॉल ओढ़ाकर श्री कंवरपाल गुर्जर का अभिनंदन करते श्री अतुल कोठारी (दाएं)
 
भारत ने प्राचीन काल में पूरे विश्व का नेतृत्व किया है। वैदिक गणित से तर्क शक्ति का विकास होता है।
 
गत दिनों नई दिल्ली स्थित पूसा संस्थान में चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय एवं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय वैदिक गणित सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसके शुभारंभ के अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित हरियाणा के शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने कहा कि भारत ने ही विश्व को सबसे पहले सभ्यता एवं संस्कृति का पाठ पढ़ाया है और विश्व को शून्य अंक भारत ने ही दिया।
 
भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति विश्व में सर्वश्रेष्ठ है। यही कारण है कि भारत की प्राचीन परम्पराओं और संस्कृति को विश्व में अपनाया जा रहा है। वैदिक गणित हमारा अपना है। इसके प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक की है। उन्होंने आगे कहा कि वैदिक गणित को प्रोत्साहन देने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव अतुल कोठारी ने कहा कि भारत में गणित का अभ्युदय वैदिक काल से ही है और इस क्षेत्र में भारत ने प्राचीन काल में पूरे विश्व का नेतृत्व किया है। वैदिक गणित से तर्क शक्ति का विकास होता है। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति का गणित अच्छा होता है, उसके जीवन का गणित अच्छा हो जाता है।
 
समारोह में उपस्थित चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आरके मित्तल ने कहा कि वह ज्ञान, जो मानव कल्याण की बात करता है, वह हमें वेदों से प्राप्त होता है और वैदिक गणित भी हमें वेदों से ही मिला है। ऐसे में विश्वविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और उनकी प्रतिभा को उभारने के लिए 11 'हॉबी क्लबों' का गठन किया गया है। इन 'हॉबी क्लब' के माध्यम से विद्यार्थी अपनी प्रतिभा को बेहतर रूप से प्रदर्शित करने में सक्षम हो सकेंगे।