लोकप्रियता में सबसे आगे प्रधानमंत्री मोदी
   दिनांक 22-फ़रवरी-2019
  - सिद्धार्थ शंकर गौतम             
एक नामी मीडिया घराने के सर्वे में हिस्सा लेने वाले तीन-चौथाई से अधिक लोगो ने प्रधानमंत्री मोदी को दूसरी बार प्रधानमंत्री बनाए जाने को अपनी पसंद बताया है। मोदी लोकप्रियता के मामले में अपने प्रतिद्वंद्वियों से काफी आगे है
देश में आगामी लोकसभा चुनाव की रणभेरी बजने ही वाली है। ऐसे में मीडिया से लेकर तमाम सर्वे एजेंसियां मोदी सरकार के पांच वर्ष के कार्यकाल को लेकर जनता से सवाल-जवाब कर रही है। एक बड़े व्यावसायिक मीडिया घराने ने हाल ही में अपने समाचार समूह द्वारा सर्वे करवाया जिसमें जनता से दर्जन भर तीखे सवाल पूछते हुए भावी सरकार और उसकी प्राथमिकताओं पर जवाब मांगे। विपक्षी एकता के बीच राहुल गांधी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समकक्ष खड़ा कर उनके कद का माप भी लिया गया और जब सर्वे के परिणाम सार्वजनिक किये गए तो राजनीतिक कुहासा मानो छट सा गया ।
सर्वे में हिस्सा लेने वाले तीन-चौथाई से भी अधिक पाठकों ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद के लिए पहली पसंद बताया और करीब इतने ही लोगों का मानना है कि चुनाव के बाद मोदी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनेगी। पांच लाख से अधिक लोगों ने इस सर्वे के माध्यम से जहां एक ओर सरकार के रूप में एनडीए को अपनी पसंद बताया वहीं भावी सरकार से अपनी अपेक्षाओं को भी मंच दे दिया। सर्वे के नतीजे बताते है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकप्रियता के मामले में अपने प्रतिद्वंद्वियों से काफी आगे है। लगभग 84 प्रतिशत पाठकों के अनुसार यदि आज चुनाव होते है तो प्रधानमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी उनकी पहली पसंद होंगे।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को 8.33 प्रतिशत लोग ही प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहते है। इसके बाद तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी को 1.44 प्रतिशत और बीएसपी सुप्रीमो मायावती 0.43 प्रतिशत पाठक ही पसंद कर रहे है। हालांकि पाठकों के अनुसार राहुल गांधी 2014 के मुकाबले अधिक लोकप्रिय है।
मोदी सरकार के पांच साल के कार्यकाल का आकलन करते हुए दो-तिहाई से अधिक लोगो ने इसे बढ़िया या बहुत बढ़िया बताया। कुल वोटों की बात करे तो 59.51 प्रतिशत पाठक कार्यकाल को बहुत बढ़िया मानते है।
 
राफेल को चुनावी मुद्दा ही नहीं मानते लोग
इस सर्वे द्वारा जनता को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर भी प्रश्न उठाये गए और सबसे बड़ा आश्चर्य रहा कि राहुल गांधी समेत पूरा विपक्ष जिस राफेल के नाम की माला यह सोचते हुए जप रहा है कि इससे नरेंद्र मोदी की छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, उसे पाठक बड़ा चुनावी मुद्दा ही नहीं मान रहे। सर्वे में शामिल तीन-चौथाई यानि 74.59 प्रतिशत पाठकों का मत है कि राफेल विवाद का लोकसभा चुनाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा। हालांकि कुछ विश्लेषकों का मानना है कि राफेल विवाद से नरेंद्र मोदी सरकार का वैसा ही नुकसान होगा जैसा बोफोर्स विवाद से राजीव गांधी की सरकार को हुआ था किन्तु फिलहाल तो ऐसा होता नहीं दिख रहा। राफेल को लेकर विपक्ष द्वारा जितने भी सवाल उठाये गए हैं सरकार द्वारा उनका खंडन किया गया है। सर्वोच्च न्यायालय और कैग ने भी राफेल पर सरकार को क्लीन चिट दे दी है जिससे जनता के बीच विपक्ष का झूठ बेनकाब हो गया है।
इसके अलावा जीएसटी और नोटबंदी को लेकर भी पाठको का सरकार के पक्ष में फैसला आना कहीं न कहीं देश के मूड और आर्थिक सुधारो पर सरकार का साथ देने का इशारा कर रहा है। वहीं अल्पसंख्यकों के मुद्दे पर हमेशा घिरी रहने वाली मोदी सरकार को इस मुद्दे पर भी पाठकों का साथ मिलता नज़र आ रहा है। 65.51 प्रतिशत पाठकों का मानना है कि उनके हिसाब से अल्पसंख्यक मोदी सरकार में असुरक्षित महसूस नहीं करते है। देखा जाए तो भाजपा ने 2014 के बाद तीन तलाक और हज यात्रा में अधिक सहूलियतें देने जैसे मुद्दों को उठाकर मुस्लिम समुदाय को यह बताने की कोशिश की है कि वे उनके विरोधी नही है।
सर्वे में मोदी सरकार की सफलता और विफलता पर भी चर्चा हुई है। 34.39% प्रतिशत पाठको का मानना है कि नरेंद्र मोदी सरकार ने गरीबों के लिए सरकारी योजनाओं के विस्तार के क्षेत्र में सबसे अच्छा काम किया है। 29.09 प्रतिशत पाठक लोग मानते हैं कि जीएसटी लागू करना मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि है। मोदी सरकार के कार्यकाल में प्रधानमंत्री जनधन योजना, मुद्रा बैंक योजना, प्रधानमंत्री जीवा ज्योति बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, उज्ज्वला योजना और प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना जैसी तमाम योजनाएं आईं, जिन्होंने गरीबों के जीवन-स्तर को सुधारने में मदद की।
कुल मिलाकर सर्वे के माध्यम से इतना तो भान हुआ है कि देश अब एक मजबूत और स्थाई सरकार चाहता है न की बिना दूल्हे की बारात। फिर बीते पांच वर्षों में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्रित्व काल में सरकार ने जनहितैषी मुद्दों पर जितना काम किया है उतना पूर्ववर्ती सरकारो के कार्यकाल में भी नजर नहीं आया।