एक्सक्लूसिव: भारत के हमले से बलूचिस्तान में खुशी की लहर
   दिनांक 26-फ़रवरी-2019
 
 
पाकिस्तान के आतंकवादी शिविरों पर मंगलवार तड़के भारतीय वायुसेना की कार्रवाई से बलूचिस्तान में भी खुशी की लहर है। लोगों को लगता है कि पाकिस्तान जिस तरह से आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है, भारत की ओर से इस तरह की कार्रवाई तो होनी ही थी। साथ ही, वे कहते हैं कि यह तो शुरुआत है और भविष्य में इस तरह की और कार्रवाई की उम्मीद करनी चाहिए क्योंकि इतने से काम नहीं चलने वाला।
दशकों से पाकिस्तान सेना के हाथ बर्बर जुल्म झेल रहे बलूचिस्तान के लोगों में खुशी है। बलूचिस्तान के एक सियासी कार्यकर्ता हुनक बलोच ने बलूचिस्तान से बातचीत करते हुए बताया कि “एलओसी पर जो दहशतगर्दी के कैंप्स हैं, उनपर इंडिया का अटैक एक वाजिब एक्शन है। लेकिन मुझे लगता है कि टेरेरिस्ट की जो मेन जगह है, वह इस्लामाबाद है। अगर आपकी फौज, आपकी हुकूमत ने इस्लामाबाद और पीएचक्यू रावलपिंडी में मौजूद दहशतगर्दों पर अटैक किया होता तो यह बेहतर होता”।
 
हुनक मानते हैं कि पाकिस्तान न केवल अपने पड़ोसी देशों बल्कि पूरी दुनिया में शांति के लिए खतरा है। वह कहते हैं, “ इंडिया एक बड़ा जम्हूरी मुल्क है। पाकिस्तान न सिर्फ इंडिया में दहशतगर्दी फैला रहा है बल्कि इसकी फौज और हुकूमत अफगानिस्तान और ईरान में भी दहशतगर्दी फैला रही है। दुनिया के अमन के लिए पाकिस्तान एक नासूर बन चुका है। अगर आप दुनिया में अमन चाहते हैं तो पाकिस्तान का नाम-ओ-निशान मिटाना होगा। सोचने की बात है, आप अमेरिका की पीठ में छुरा भोंकते हैं...ओसामा बिन लादेन आपकी जमीं पर हलाक होता है। फिर भी, दहशतगर्दी जिंदा क्यों है? इसकी वजह यह है कि पाकिस्तानी फौज दहशतगर्दों को पैदा करती है।”
 
हुनक बलोच कहते हैं, हम बलूचिस्तान की अवाम तो लंबे अरसे से पाकिस्तानी आर्मी और फ्रंटियर कॉर्प्स के हाथों जुल्म का शिकार होते रहे हैं। हमारे कितने लोगों को इन्होंने मार डाला, पता नहीं। हम बलूच कितनी बार कह चुके हैं कि पाकिस्तान दुनिया में दहशतगर्दी का सेंटर बन गया है, लेकिन एक तो हमारी बात बाहर जाती नहीं और कभी-कभार बाहर गई भी तो उसका वो असर नहीं होता। मैं एक बार फिर कहता हूं कि यह कोई भारत, अफगानिस्तान और ईरान या फिर बलूचिस्तान में इंसानी हुकूक की बात नहीं, अगर दुनिया में अमन चाहिए तो पाकिस्तान को घुटने पर लाना होगा।
बोले बलूचिस्तान के लोग :-
““- बेहतर होता कि भारत ने इस्लामाबाद और पीएचक्यू रावलपिंडी में मौजूद दहशतगर्दों पर अटैक किया  होता क्योंकि दहशतगर्दों के असली हिमायती तो वहीं बैठे हैं””
 
हुनक बलोच उन हजारों लोगों में से हैं जिन्होंने खुद पाकिस्तानी सेना का जुल्म सहा है। उन्हें बिना किसी जुर्म के महीनों सेना ने अपनी कैद में रखा था। उन पर तरह-तरह के अत्याचार किए। जब उनकी दिमागी और शारीरिक हालत बिल्कुल बिगड़ गई, तब उन्हें छोड़ दिया था।
“- दुनिया के अमन के लिए पाकिस्तान एक नासूर बन चुका है। अगर आप दुनिया में अमन चाहते हैं तो पाकिस्तान का नाम-ओ-निशान मिटाना होगा”