हर सर्वे में एक बार फिर भाजपा सरकार
   दिनांक 10-मार्च-2019
                                                            तमाम सर्वे रिपोर्ट में विपक्षी दलों की हालत दयनीय दिखायी पड़ रही है। हर प्री पोल सर्वे में भाजपा फिर से सरकार बना रही है
  
चुनावी समर घोषित चुका है। इस समर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मजबूती विरोधी दलों के नेताओं के मुकाबले बहुत ज्यादा दिख रही है। भले ही इसे लोकतंत्र का महापर्व कहा जाता हो पर इस बार इसका स्वरूप महाभारत के समर जैसा ही कुछ कुछ नजर आने लगा है। राजनेताओं की भाषा संयम के सारे बांध तोड़कर आक्रामकता की होड़ में गाली-गलौज की हद पार करने को बेताब दिखने लगी है। विपक्ष में बौखलाहट की वजह उनका अनेक जगहों पर खुद को लड़ाई से बाहर पाया जाना भी है। तमाम सर्वे रिपोर्ट में विपक्षी दलों की हालत दयनीय दिखाई पड़ रही है। मुख्य विरोधी दल कांग्रेस पर तो चुनाव की घोषणा के साथ “सर मुड़ाते ही ओले पड़ने” वाली कहावत लागू हो रही है। कांग्रेस की नीतियों और बयानबाजी का जनता पर जो विपरीत असर है उसे समझदार कांग्रेसी न सिर्फ महसूस करने लगे हैं बल्कि शर्मसार भी हो रहे हैं। खास तौर पर भारतीय सेना द्वारा हाल ही में पाकिस्तान में आतंकियों पर की गयी सर्जिकल स्ट्राइक पर कांग्रेस हाईकमान और प्रवक्ताओं की टिप्पणी से जनता में व्यापक प्रतिक्रिया हो रही है। जनता की उस प्रतिकूल प्रतिक्रिया से अर्से बाद किसी दल के शीर्ष नेता की “पराक्रमी बयानबाजी” से पार्टी के तमाम नेताओं की सुसुप्त आत्मा जागने लगी है, धिक्कारने लगी है। यह ‘जागरण’ ऐतिहासिक और क्रांतिकारी है। शुरुआत बिहार से हुई है। बिहार कांग्रेस के प्रांतीय महासचिव और प्रवक्ता विनोद शर्मा की आत्मा ने धिक्कारा तो उन्होंने राहुल गांधी को अपना इस्तीफा भेज दिया, बोले "सर्जिकल स्ट्राइक पर पार्टी की ऊल-जुलूल बयानबाजी से लोग हमें पाकिस्तानी एजेंट कहने लगे हैं"।
उधर, अधिकांश प्री पोल सर्वे में भी केंद्र में एनडीए की सरकार बनती दिख रही है। नरेंद्र मोदी पीएम पद पर लोगों की पहली पसंद हैं। पीएम मोदी और राहुल गांधी के बीच का फासला इतना ज्यादा है कि मुकाबले जैसी स्थिति ही नहीं बनती दिख रही है। जनवरी में आजतक ने कार्वी इनसाइट्स के जरिये जनता की नब्ज टटोलने की कोशिश की थी। इस सर्वे में लोगों से पूछा गया कि क्या आप एनडीए को सरकार बनाने के लिए एक और मौका देना चाहेंगे ? जो जवाब मिला उससे नतीजा यही निकला कि जनता मोदी के नेतृत्व में सरकार को लेकर अभी भी आश्वस्त है।
लोग चाहते हैं फिर से बने मोदी सरकार
60 फीसदी लोग एक राय से 2019 में एनडीए को एक और मौका देना चाहते हैं, यानी कि मोदी सरकार की वापसी चाहते हैं। सर्वे में ये राय उभर कर आयी कि 60 फीसदी लोग वर्तमान केंद्र सरकार के कामकाज से खुश हैं। लोगों को लगता है कि इस सरकार को एक मौका और देने से उनकी जो उम्मीदें रही हैं वो पूरी हो जाएंगी। सर्वे के नतीजे बताते हैं कि 32 फीसदी लोग एनडीए को दोबारा सरकार बनाने का मौका देने के पक्ष में नहीं हैं, यानी बत्तीस फीसदी लोग मोदी सरकार के काम-काज से नाखुश हैं। जबकि 8 फीसद लोगों ने कोई राय नहीं दी, उन्होंने अभी तक फैसला नहीं किया है कि चुनाव में वो किसे वोट देंगे।
टाइम्स के सर्वे में भी मोदी
टाइम्स ऑफ इंडिया के “टाइम्स मेगा ऑनलाइन पोल” के नतीजों में भी मोदी के नेतृत्व वाली सरकार को व्यापक जन समर्थन मिला है। इस सर्वे 83 प्रतिशत लोगों ने 2019 के चुनाव में बीजेपी और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार बनने का भरोसा जताया। टाइम्स के इस सर्वेक्षण में राय जताने वाले तीन-चौथाई से अधिक (83.89 प्रतिशत) लोगों ने नरेंद्र मोदी को अपनी पहली पसंद बताया। इन लोगों का मानना है कि वर्तमान हालात में होने जा रहे चुनाव में दोबारा केंद्र में एनडीए की ही सरकार बनना तय है। प्रधानमंत्री पद के लिए लोगों की पहली पसंद जानने की कोशिशि की गयी तो इस बारे में टाइम्स पोल बताता है कि इस लिस्ट में नरेंद्र मोदी अन्य प्रतिद्वंदियों से काफी आगे हैं। एक तरह से देखा जाए तो कोई मुकाबला ही नहीं बनता दिख रहा है। राहुल गांधी को पसंद करने वाले वर्तमान में सिर्फ 8.33 फीसदी लोग हैं जबकि ममता बनर्जी को मात्र 1.44 प्रतिशत लोग प्रधानमंत्री के पद पर देखना चाहते हैं। इस सर्वे में बीएसपी सुप्रीमो मायावती को केवल 0.43 प्रतिशत लोगों ने प्रधानमंत्री पद के लिए उपयुक्त बताया।
इंडिया टीवी-सीएनएक्स के सर्वे में भी मोदी सरकार
इंडिया टीवी-सीएनएक्स के सर्वेक्षण के अनुसार 2019 के आम चुनाव में एक बार फिर मोदी सरकार के ही सत्ता में आने की संभावना बनती है। इस सर्वे के मुताबिक 543 लोकसभा सीटों में एनडीए को 281, यूपीए को 124 और अन्य को 138 सीटें मिलने की संभावना दिखती हैं। ये सर्वेक्षण दिसंबर में कराया गया था। तब पाकिस्तान में दूसरी सर्जिकल स्ट्राइक नहीं हुई थी। आम तौर पर लोगों का मानना है कि आतंकियों के अड्डे पर पाकिस्तान में घुसकर भारतीय वायुसेना द्वारा बमबारी किये जाने के बाद मोदी के नेतृत्व में लोगों का विश्वास और ज्यादा बढ़ा है। इस पराक्रमी फैसले के बाद मोदी सरकार की लोकप्रियता बढ़ी है। पुलवामा हमले के बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ जो कार्रवाई की उसके बाद मोदी सरकार का ग्राफ तेजी से बढ़ता गया है।
मराठी चैनल ज़ी-24 का सर्वे नतीजा अन्य से कुछ अलग है। तास के साथ कराये गये इस सर्वे में कुछ अलग नतीजे उभर कर आये हैं। इस सर्वे के अनुसार एनडीए इस चुनाव में बहुमत से दूर रह सकती है। 2019 के आम चुनाव में एनडीए गठबंधन को यूपीए से ज्यादा सीटें जरूर मिलेंगी लेकिन सत्ता अन्य के हाथों में जाने की संभावना बनती दिख रही है। इस सर्वे के मुताबिक एनडीए को 265, यूपीए को 164 और अन्य को 114 सीटें मिल सकती हैं। केंद्र में सरकार बनाने के लिए 272 सीटों की जरूरत होगी जिससे एनडीए पीछे रह जाएगी। 2014 के लोकसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन को 282 सीटें मिली थीं। इस सर्वे के अनुसार बीजेपी को बड़ा घाटा कांग्रेस शासित राज्यों में होने की संभावना है। साथ ही यूपी, गुजरात, महाराष्ट्र और हरियाणा में भी उसकी सीटें 2014 के मुकाबले कम होने की संभावना हैं।
75 प्रतिशत लोगों की राय मोदी फिर से बने पीएम
न्यूज-18 का सर्वे उपरोक्त सभी के बाद का है। इसके मुताबिक 75 फीसदी मतदाताओं की उम्मीदों पर मोदी सरकार खरी उतरी है। मोदी सरकार की योजनाओं पर पूछे गए सवाल पर 80 फीसदी लोगों ने मौजूदा सरकार की योजनाओं को अच्छा माना। इस सर्वे में 85 फीसदी लोगों ने मोदी सरकार को अच्छा बताते हुए राय जताई कि सरकार ने अपने वादों को काफी हद तक पूरा किया है। 30 फीसदी लोगों को तो लगता है कि सरकार ने उम्मीद से भी बेहतर काम किया है।
इसी हफ्ते एबीपी न्यूयज चैनल के सर्वे की रिपोर्ट भी जारी की गयी है। इसके नतीजों के अनुसार इस बार के लोकसभा चुनावों में दिल्ली की सभी सातों सीटों पर बीजेपी जीतेगी। इस सर्वे में बीजेपी को 47 प्रतिशत वोट शेयर मिलने का अनुमान है। विधानसभा चुनाव में सत्तर में 67 सीट जीतने वाली आम आदमी पार्टी को इस बार सिर्फ 20 फीसदी वोट मिलने की संभावना दिख रही है। कांग्रेस को 22 प्रतिशत वोट मिलने की उम्मीद है।