नवरात्र में चुनावों का पहला चरण, हिंदुओं को परेशानी नहीं तो रमजान में मुसलमानों को परेशानी क्यों ?
   दिनांक 13-मार्च-2019
चैत्र नवरात्र में पड़ेगा लोकसभा चुनाव का पहला चरण, किसी हिन्दू को नहीं है कोई दिक्कत मगर रमजान का नाम लेकर मुसलमान आरोप लगाने से नहीं चूके. मोदी स्वयं नवरात्रों में केवल नींबू पानी का सेवन करते हैं. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ खुद गोरक्ष पीठाधीश्वर हैं. इन दोनों लोगों की नवरात्र में कठिन दिनचर्या रहती है
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव जब 7 चरणों में घोषित हुए थे तब पहले चरण का मतदान 7 अप्रैल को हुआ था. उस समय 31 मार्च को चैत्र नवरात्र शुरू हुआ था और 8 अप्रैल को रामनवमी का पर्व था. इस बार भी 6 अप्रैल को चैत्र नवरात्र की शुरुआत हो रही है और 13 अप्रैल को राम नवमी का पर्व पड़ रहा है. दोनों लोकसभा चुनाव नवरात्र में ही पड़े. किसी हिन्दू की तरफ से चुनाव की तारीख को लेकर कोई विरोध की आवाज नहीं आयी. किसी ने इस बात पर चर्चा भी नहीं कि नवरात्र में लोग नव दिन तक व्रत रहते हैं. चुनाव प्रचार कैसे करेंगे. यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वयं नवरात्रों में केवल नींबू पानी का सेवन करते हैं. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ खुद गोरक्ष पीठाधीश्वर हैं. इन दोनों लोगों की नवरात्र में कठिन दिनचर्या रहती है मगर उसके बावजूद दोनों लोगों ने वर्ष 2014 के लोकसभा में चुनाव प्रचार किया और इस बार भी चुनाव प्रचार चैत्र नवरात्र में ही करेंगे.
कोई भी हिन्दू अपने धार्मिक आचरण से किसी अन्य को कोई दिक्कत नहीं होने देता. गत लोकसभा चुनाव चैत्र नवरात्र में पड़ा और इस बार भी चुनाव की तिथियां चैत्र नवरात्र में ही पड़ रही है. इसके पहले भी ऐसा हो चुका है .. कभी कोई चर्चा नहीं हुई मगर एक बार चुनाव की तिथियों के बीच में रमजान पड़ गया तो चुनाव के तिथियों को ही बदलवाने की मांग उठने लगी. वैसे देखा जाए तो लोकसभा के कार्यकाल के हिसाब से हर हाल में 2 जून तक चुनाव पूर्ण करा लेना है. रमजान की तारीखें हर साल पीछे की तरफ खिसकती रहती हैं इसलिए इस बार चुनाव की तारीखों के बीच में रमजान पड़ गया.
 
नरेंद्र मोदी नवरात्र में नौ दिन तक व्रत रहते हैं. आम तौर सुबह 5 बजे सो कर उठने वाले प्रधानमंत्री , नरेन्द्र मोदी नवरात्र में भोर में 4 बजे ही जग जाते हैं. 40 वर्षों से वह नवरात्र का व्रत रह रहे हैं. दिन के समय में सादा पानी या फिर नींबू का पानी पीते हैं. चैत्र नवरात्र और शारदीय नवरात्र , दोनों में इसी प्रकार की उनकी दिनचर्या रहती है. अमेरिका यात्रा के दौरान भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपना व्रत नहीं तोड़ा था. रात्रि के भोजन के समय सादा पानी ही लिया था. अमेरिका के राष्ट्रपति उनकी दिनचर्या को देख कर हैरान रह गए थे. नरेंद्र मोदी ने अपने व्रत के बारे में एक बार यह कहा कि “इस व्रत से उन्हें शक्ति मिलती है”
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरक्ष पीठाधीश्वर हैं. गोरखपुर के अपने मंदिर में योगी आदित्यनाथ कलश स्थापना करके नव दिन तक कठिन व्रत रहते हैं. हालांकि मुख्यमंत्री बन जाने के बाद नवरात्र के पहले दिन कलश स्थापना के समय अपने मठ में पहुंचते हैं. पहले दिन की पूजा पाठ के बाद योगी आदित्यनाथ फिर अपनी व्यस्तता के अनुसार सरकारी कामकाज निपटाते हैं . मुख्यमंत्री बनने के बाद भी कन्या पूजन के दिन मठ में पहुंचते हैं. नौ दिनों तक अन्न ग्रहण नहीं करते. केवल एक समय फलाहार करते हैं. हिन्दू जो नवरात्र में कठिन दिनचर्या के साथ व्रत का पालन करते हैं. वो भी मतदान करने जाएंगे. जनसभाओं में शामिल होने जायेंगे. चुनाव ड्यूटी में लगे भारी संख्या में सरकारी कर्मचारी भी होंगे. इन सभी के लिए नवरात्र की तारिख कोई मुद्दा नहीं है मगर मुसलमानों ने यह आरोप लगाने में तनिक भी देर नहीं लगायी कि मुसलमानों का वोट कम पड़े इसलिए चुनाव जानबूझ कर रमज़ान में रखा गया है.