क्या कांग्रेसियों में बेहूदा बयानबाजी की होड़ लगी है
   दिनांक 08-मार्च-2019
“ बी.के. हरिप्रसाद ने पुलवाम हमले को ‘मैच फिक्सिंग’ बताया”
 
 
 
 
लगता है कि कांग्रेसी नेताओं के बीच सबसे ज्यादा ऊलजलूल बयान देने की होड़ लगी है। पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर हवाई हमलों के बारे में तमाम तरह के आरोपों का दौर-दौरा पूरी तरह से खत्म भी नहीं हुआ था कि एक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ने शोशा उछाला है कि पुलवामा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के काफिले पर हुए हमले के पीछे पाकिस्तान और भारत की सरकारों के बीच मिलीभगत थी।
वरिष्ठ कांग्रेसी नेता बी.के. हरिप्रसाद ने सत्तारूढ़ राजग सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि वह पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तानी और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर वाले क्षेत्र में किए गए हवाई हमलों के बारे में ‘तथ्य छिपा रही है।’ समाचार चैनल एबीपी पर प्रसारित एक समाचार के बारे में उसी की ट्वीट के मुताबिक इस नेता का कहना था कि – पुलवामा हमले के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के बीच मैच फिक्सिंग है ताकि आगामी लोक सभा चुनाव में मोदी को जीतने लायक वोट मिल सकें। ऐसी गंदी हरकत को उन्होंने ‘मैच फिक्सिंग’ का नाम दिया।
हिंदी में एक कहावत है ‘विनाश काले, विपरीत बुद्धि’। बी.के. हरिप्रसाद जैसे कांग्रेस नेताओं के ताजा रवैये से तो ऐसा ही लग रहा है कि अपने बेहूदा बयानों के रास्ते वे खुद अपना विनाश करने पर तुले हुए हैं.
इन बयानों से ऐसा भी लगता है कि कांग्रेस ने सार्वजनिक बयान देने की शिक्षा लेने के लिए अरविंद केजरीवाल को निजी ट्यूटर रख लिया है। ऐसा इसलिए लग रहा है कि जब से भारतीय वायु सेना ने पुलवामा हमले के बाद हमलावरों को हवाई हमले से जवाब दिया है, हैरत में पड़ी कांग्रेस की ओर से उसकी आलोचना में कुछ बेहद बेहूदा बयान आए हैं। इनमें से कुछ तो इतने महान किस्म के हैं कि अरविंद केजरीवाल और जिग्नेश मेवाणी के अक्सर आने वाले ऊल-जलूल बयान उनके आगे पानी भरते हैं।
चाहे पवन खेड़ा का प्रधानमंत्री मोदी पर डायमंड फेशियल करवाने और आयातित मशरूम खाने का बयान हो या कपिल सिब्बल और दिग्विजय सिंह की ओर से हवाई हमलों में मारे गए लोगों की संख्या के बारे में प्रमाण मांगने वाले बयान हों, इनके अहमकपने के बारे में सोच कर भी हंसी आती है। बेहूदा बयानबाजी से राजनीतिक विमर्श को गर्त में पहुंचाने की की इस आपाधापी में ममता बनर्जी भी कूद पड़ी हैं ताकि भारतीय जनता पार्टी को नीचा दिखाने की कोशिशों में वे कहीं पीछे न रह जाएं।
इतने से भी भाजपा-विरोधियों का मन नहीं भरा तो कांग्रेस के नवजोत सिंह सिद्धू जैसे नेताओं ने नया राग छेड़ा कि संभवतः जवाबी कार्रवाई में हवाई हमले हुए ही न हों। ऐसे बेतुके बयानों का फायदा पाकिस्तान उठा रहा है। वे लोग सिद्धू जैसों के बयानों की प्रशंसा कर रहे हैं और पाकिस्तानी राजनयिक भारत के खिलाफ अपने जहर भरे दुष्प्रचार को आगे बढ़ाने में इन बयानों का इस्तेमाल कर रहे हैं. क्या कांग्रेस से इससे बेहतर किसी बात की भी उम्मीद की जा सकती है?
 
(साभार इनपुट ऋतम)