लखनऊ कश्मीरियों से मारपीट करने वाले ‘नकली भगवाधारी’
   दिनांक 09-मार्च-2019
लखनऊ में दो कश्मीरी युवकों के साथ मार - पीट की घटना के बाद एनडीटीवी. समेत कुछ मीडिया संस्थानों ने भगवा को बदनाम करने की भरपूर कोशिश की. एनडीटीवी की खबर के अनुसार भगवाधारी युवकों ने दो कश्मीरी युवकों के साथ अचानक मार - पीट शुरू कर दी. ये बताना एनडीटीवी ने जरूरी नहीं समझा कि मारपीट करने वालों में से एक सपा सरकार में राज्य मंत्री रहे नेता का भाई है
 
                                                          पुलिस हिरासत में कश्मीरियों से मारपीट करने वाले युवक
एनडीटीवी की इस खबर को ‘द वायर’ ने भी शेयर किया. इस घटना के बाद जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट करने में देर नहीं लगाई. उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए ट्वीट किया, ‘आपने इसके खिलाफ बात की थी, लेकिन ऐसा अब भी हो रहा है. यह आपके द्वारा चुने गए मुख्यमंत्री के राज्य में हो रहा है. क्या हम इस मामले में किसी कार्रवाई की उम्मीद कर सकते हैं या फिर हम मान लें कि आपकी चिंता और आश्वासन बस जुमला थे?’ सांसद औवेसी ने भी इस घटना पर तत्काल बयान जारी किया. सभी ने इस घटना को इस तरह से प्रस्तुत किया कि उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भगवाधारियों का आतंक है। कश्मीरियों की सुरक्षा खतरे में हैं. जो हुआ गलत हुआ. ऐसा नहीं होना चाहिए था। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सभी राज्य सरकारों को साफ शब्दों में कहा कि “कश्मीरी भाईयों के साथ दुर्व्यवहार करने वालों पर कड़ी एवं सख्त कारवाई करें. लखनऊ में दो कश्मीरी युवकों के साथ मार - पीट की घटना के बाद जिस तरह से उत्तर प्रदेश की सरकार ने त्वरित कार्रवाई की, यह अपने आप में एक नजीर है.
कश्मीरी युवकों के साथ मार - पीट की घटना के तुरंत बाद राज्य सरकार ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया. अपर पुलिस महानिदेशक ( कानून एवं व्यवस्था ) आनंद कुमार ने प्रेस को बताया कि “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है और अभी तक उत्तर प्रदेश में यह पहली घटना है. इस प्रकार की अन्य कहीं पर कोई घटना नहीं हुई है. कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है. घटना के कुछ ही घंटे के बाद लखनऊ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने हमला करने वाले युवक की गिरफ्तारी के बारे में मिडिया को बताया। उनके मुताबिक़ जिन युवकों ने हमला किया था उसमें बजरंग सोनकर भी शामिल था. भगवा कपड़े पहनक कश्मीरी युवकों से मारपीट करने वाला बजरंग सोनकर लखनऊ का रहने वाला है और यह एक हिस्ट्रीशीटर है इसके खिलाफ पुलिस रिकार्ड में 12 मुकदमे दर्ज हैं.
बताया जा रहा है कि बजरंग सोनकर सपा सरकार में एक राज्य मंत्री रहे नेता का भाई है. जिस तरह से कश्मीरी युवकों से मारपीट की गई वह किस साजिश की तरफ इशारा करती है। लोकसभा चुनावों में माहौल बिगाड़ने की भी यह साजिश हो सकती है। जब प्रदेश पुलिस की तत्परता से यह पटाक्षेप हो गया कि यह घटना भगवा को बदनाम करने के लिए थी और पूरी तरह राजनीति से प्रेरित थी. घटना का खुलासा तो हो गया. मगर अब सेकुलर मीडिया खामोश है और ट्वीटर हैंडल पर सन्नाटा पसर गया है।