कांग्रेस का तुगलक रोड चुनावी घोटाला, पकड़ा गया 281 करोड़ की काली नगदी का खेल
   दिनांक 10-अप्रैल-2019
मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री कमलनाथ के खास लोगों के ठिकानों पर छापे में आयकर विभाग अब तक 281 करोड़ का बेहिसाबी लेन-देन पकड़ा है. इसमें से 20 करोड़ का ब्लैक-मनी तुगलक रोड स्थित कांग्रेस नेता के घर से एक पार्टी के मुख्यालय हवाला के जरिये पहुंचाया गया, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का घर इसी रोड पर है. यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल भी शक के दायरे में हैं.
 अहमद पटेल एस.एम. मोइन के घर पर आयकर छापे के दौरान
अभी तो 4 महीने भी नहीं हुए मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार को. जनता के पैसे की लूटमार मची है. आयकर विभाग ने 281 करोड़ रुपये का बेहिसाबी लेन-देन मुख्यमंत्री कमलनाथ के खास लोगों के बीच पकड़ा है. यह तो बस एक सूबे की कांग्रेस सरकार और चार महीने का करिश्मा है. जरा सोचिए कि 55 साल तक एकछत्र राज करने वाली कांग्रेस ने क्या किया होगा. सूबों में कांग्रेस की सरकारें जो लूटती हैं, उसमें दिल्ली का भी हिस्सा है. मध्य प्रदेश में इस लूट की रकम में से 20 करोड़ की काली नगदी एक आला नेता के दिल्ली में तुगलक रोड स्थित आवास से हवाला के जरिये एक पार्टी के मुख्यालय पहुंचाई गई. वैसे तुलगक रोड पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का भी घर है. काले धन का हिसाब मांगने वाली कांग्रेस मुंह छिपाए फिर रही है. कांग्रेस के नेता यह तो कह रहे हैं कि चुनाव के समय आयकर विभाग के जरिये डराने की कोशिश की जा रही है, लेकिन यह नहीं बता पा रहे कि छापों में काला धन क्यों मिल रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को जूनागढ़ में कहा कि कांग्रेस के घोटालों की लिस्ट में नया घोटाला तुगलक रोड चुनावी घोटाला है.
क्या पोल खोल रहा है सीबीडीटी
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने छह अप्रैल की आधी रात से जारी आयकर विभाग की छापेमारी के बारे में बयान जारी किया है. आयकर विभाग सीबीडीटी के मातहत काम कर करता है. बयान में सीबीडीटी ने कहा है- चार राज्यों में 52 ठिकानों पर पूरी कार्रवाई हुई. भोपाल, इंदौर, नोएडा, दिल्ली और गोवा में हुई इस कार्रवाई में विभाग के तीन सौ अफसर शामिल थे. मध्य प्रदेश में छापेमारी से 281 करोड़ रुपये की बेहिसाबी नकदी जुटाने के व्यापक एवं संगठित रैकेट का पता लगा है. इस रैकेट में कई कारोबारी, राजनेता और सरकारी पदों पर बैठे लोग शामिल हैं. इस नकदी का एक हिस्सा दिल्ली में बड़े राजनीतिक दल के मुख्यालय भेजा गया है. इसमें से 20 करोड़ हाल ही में हवाला के जरिए दिल्ली के तुगलक रोड पर रहने वाले वरिष्ठ पदाधिकारी के घर से राजनीतिक दल के मुख्यालय पहुंचाए गए.
 
हालांकि सीबीडीटी ने बयान में न तो किसी राजनीतिक पार्टी के नाम का उल्लेख किया, न ही वरिष्ठ पदाधिकारी की पहचान सार्वजनिक की. लेकिन तुलगक रोड पर ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का भी आवास है. सीबीडीटी के मुताबिक छापे में कंप्यूटर फाइलें, एक्सेल शीट और हाथ से लिखी डायरी बरामद हुई हैं, जिसमें रकम अदायगी का ब्योरा है. यह छापों में मिले सुबूतों से मेल खाता है. दिल्ली के एक एक वरिष्ठ अधिकारी के करीबी रिश्तेदार के समूह पर छापे में 230 करोड़ रुपये के बिना हिसाब के लेन-देन के दस्तावेज मिले हैं. इसके अलावा 242 करोड़ की रकम कर चोरी की है. कर चोरी करने वाली 80 से ज्यादा कंपनियों के बारे में छापों में जानकारी मिली है. इन छापों में शराब की 252 बोतलें, बाघ की खाल और हथियारों के साथ ही 14 करोड़ साठ लाख की काली रकम बरामद हुई है. छापों में दिल्ली के पॉश इलाकों में बेनामी संपत्तियों का भी पता चला है. चुनाव के समय इन छापों को लेकर हो रही तमाम किस्म की बयानबाजी के बीच सीबीडीटी ने स्पष्ट किया है कि आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामलों को चुनाव आयोग के संज्ञान में लाया जाएगा.
किन पर पड़े छापे
आयकर विभाग ने कमलनाथ के पूर्व ओएसडी प्रवीण कक्कड़, पूर्व सलाहकार अश्वनी शर्मा, पारसमल लोढ़ा और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के बहनोई के स्वामित्व वाली कंपनी मोजर बेयर के अधिकारियों के छापे मारे. कमलनाथ के भतीजे रतुल पुरी की कंपनी भी छापों के दायरे में आई. दिल्ली में आयकर विभाग ने कांग्रेस नेता अहमद पटेल के खास एस.एम. मोइन के घर छापा मारा. छापे की कार्रवाई के दौरान ही अहमद पटेल मोइन के घर पहुंच गए. बताया जाता है कि मोइन कांग्रेस मुख्यालय में एकाउंट्स विभाग में काम करता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस के इस काले धन के खेल पर एक जनसभा में कहा कि कांग्रेस नेताओं के घर से नोटों के बक्से निकल रहे हैं. कांग्रेस नेता इस समय तिलमिलाए हुए हैं. कांग्रेस के आधिकारिक बयान में कहा गया कि भाजपा लोकसभा चुनाव में हार के डर से बौखला गई है. छापों और गलत तथ्यों के आधार पर कांग्रेस पार्टी की छवि को खराब करने की कोशिश की जा रही है. लेकिन इस बात का जवाब कांग्रेस में किसी के पास नहीं है कि आयकर विभाग छापा मार सकता है, लेकिन काली नगदी कैसे आई. अहमद पटेल भी खासे बौखलाए हुए हैं. मोइन के घर पर छापे के दौरान पहुंचने को लेकर उन्होंने कहा कि मोइन मेरा कर्मचारी है. अगर वह किसी दिक्कत में होगा, तो मुझे पहुंचना ही चाहिए. उन्होंने धमकी भी दी. कहा-अगर हम सरकार में आ जाएं, तो पता चल जाएगा कि सबसे बड़ा चोर कौन है. बताते चलें कि मध्य प्रदेश में आयकर विभाग के छापों के दौरान राज्य सरकार ने पश्चिम बंगाल की तर्ज पर स्थानीय पुलिस का इस्तेमाल करने का भी प्रयास किया था. स्थानीय पुलिस ने आयकर विभाग के छापों में खलल डालने की भी कोशिश की थी.
 
चुनाव में होना था काली नगदी का इस्तेमाल
आयकर विभाग के सूत्रों का कहना है कि हवाला से जुड़े इस काले धन के नेटवर्क का इस्तेमाल लोकसभा चुनाव में किया जाना था. करोड़ों रुपया अब तक खर्च भी हो चुका है. मीडिया की कुछ रिपोर्ट के मुताबिक ये रकम मध्य प्रदेश के ठेकेदारों, शराब कारोबारियों, बड़े उद्योगपतियों से वसूली गई. साथ ही बड़ी सरकारी परियोजनाओं से जुड़े लोगों को भी रकम देने के लिए मजबूर किया गया. आयकर विभाग के पास छापों में मिले दस्तावेजों के आधार पर ऐसे लोगों की लिस्ट है, जिन्होंने ये काला धन चुनाव के लिए कांग्रेस को मुहैया कराया. आयकर विभाग इस लिस्ट के आधार पर सौ से अधिक लोगों को नोटिस जारी करने की तैयारी कर रहा है.