पहले चरण के चुनाव में पश्चिमी यूपी के मतदाताओं को प्रथम श्रेणी
   दिनांक 12-अप्रैल-2019
दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की सबसे बड़ी पंचायत के चुनाव का पहला चरण चुनाव आमतौर पर शांतिपूर्ण रहा. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 64.42 फीसदी मतदान हुआ. शामली में फर्जी मतदान रोकने के लिए फ़ोर्स को हवा में गोली चलानी पड़ी. बसपा के महासचिव सतीश चन्द्र मिश्र ने आरोप लगाया कि कई मतदान केन्द्रों पर दलितों को वोट डालने से रोका जा रहा है और पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है. सतीश चन्द्र मिश्र ने चुनाव आयोग और पुलिस महानिदेशक से इस मामले की शिकायत की. आयोग की जांच में शिकायत बेबुनियाद पाई गयी.
 
उत्तर प्रदेश के प्रथम चरण में 8 लोकसभा सीटों पर मतदान के दौरान कई जगहों पर वीवीपैट बदले गए . सहारनपुर में 70.68%, कैराना में 62.10%, मुजफ्फरनगर 66.66 % , बिजनौर में 65.40%, मेरठ में 63.72 % , बागपत में 63.90 %, गाजियाबाद में 57.60 %, गौतम बुद्ध नगर में 60.15% मतदान हुआ. मुख्य निर्वाचन अधिकारी एल. वेंकटेश्वर लू ने बताया कि मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा मतदान में अभी तक कहीं पर भी री - रिपोलिंग की खबर नहीं आयी है और ना ही कहीं से कोई शिकायत मिली है. बसपा के आरोप पर जोनल मजिस्ट्रेट और सेक्टर मजिस्ट्रेट के द्वारा जांच कराई गई जिसमें ऐसी सभी शिकायत फर्जी पाई गई. वर्ग विशेष के वोट ना दे पाने की बात को भी फर्जी पाया गया. कैराना में मतदाता बगैर पहचान पत्र के वोट डालना चाह रहे थे. उनको रोका गया था उसी दौरान बी.एस.एफ. ने फायरिंग कर के मौके से भीड़ को खदेड़ दिया. कैराना लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत शामली विधानसभा के बूथ संख्या 70 के कमरा नंबर 1 और 2 से 11:20 पर कुछ लोग पूरे परिवार का वोट खुद ही डालना चाह रहे थे. इस पर बी.एस.एफ ने उन लोगों को खदेड़ दिया. इसकी वजह से रसूलपुर गुजरान गांव में 30 मिनट तक मतदान रुका रहा. बुर्का पहने महिलाओं के पहचान पत्र को चेक करने के बाद ही वोट डालने दिया गया. सभी आरोप बेबुनियाद पाए गए. वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में सहारनपुर में 74.24 % ,कैराना में 73.05 % , मुजफ्फरनगर में 69.72 % , बिजनौर में 67.88 % , बागपत में 66.72 % हुआ था.
 
पुलिस महानिरीक्षक - कानून एवं व्यवस्था - ने बताया कि शामली में जो संवेदनशील मतदान केंद्र थे उन पर हमने पहले से तैयारी कर रखी थी. पैरामिलिट्री फोर्सेस की तैनाती की गई थी. कुछ लोगों द्वारा मतदान में व्यवधान करने की कोशिश की गई उसे रोक लिया गया और पुलिस ने पूरी मुस्तैदी से इसमें कार्रवाई की है. पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत कर लिया है. गांव में सघन गश्त कराई गई है. कई जगहों पर लोगों को हिरासत में लिया गया है. कई लोगों को धारा 151 एवं 144 के तहत हिरासत में लिया गया है .
प्रथम चरण के चुनाव में उत्तर प्रदेश के दो दिग्गज नेताओं की लोकसभा सीट का फैसला मशीन में बंद हो गया . गौतमबुद्ध नगर से केन्द्रीय मंत्री डॉ महेश शर्मा, गाजियाबाद से केन्द्रीय मंत्री वी. के. सिंह की लोकसभा सीट का फैसला मतदताओं ने कर दिया है. अब 23 मई को जब ई.वी.एम. मशीन खुलेगी तब मतों की सटीक संख्या की जानकारी हो सकेगी . पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दल - बदल के माहिर नेता चौधरी अजित सिंह मुज्जफरनगर लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में हैं. अजित सिंह , सपा - बसपा और रालोद - गठबंधन के प्रत्याशी हैं. इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश की सहारनपुर , मेरठ , बिजनौर और बागपत के प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला ई.वी.एम मशीन में बंद हो चुका है .
 
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जनपद जहां पर जाटों की संख्या ज्यादा है उसे जाटलैंड के नाम से भी जाना जाता है. जाटों ने प्रथम चरण के इस मतदान को खासा प्रभावित किया . चौधरी अजित सिंह और उनके बेटे जयंत चौधरी की किस्मत का फैसला भी प्रथम चरण में हो गया . मुजफ्फरनगर की लोकसभा सीट पर जाटों और मुसलमानों के मत के भरोसे चौधरी अजित सिंह ने चुनाव लड़ा जबकि मुजफ्फरनगर लोकसभा से भाजपा प्रत्याशी डॉ संजीव बालियान ने अपने विकास कार्यों से जनता को अवगत कराया . उधर बागपत लोकसभा सीट पर चौधरी अजित सिंह के बेटे जयंत चौधरी चुनाव लड़े . जयंत चौधरी के दादा पूर्व प्रधानमंत्री थे. उनके पिता चौधरी अजित सिंह केन्द्रीय मंत्री रहे हैं. इसके अलावा जयंत के पास बताने के लिए कुछ भी नहीं था जबकि बागपत लोकसभा सीट से सत्यपाल सिंह ने गत 5 वर्षों में विकास कार्य किया. अपने विकास कार्य एवं राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने जनता के बीच चुनाव प्रचार किया .
प्रथम चरण के मतदान में महाराष्ट्र की नागपुर लोकसभा सीट पर भी मतदान संपन्न हो गया . नागपुर लोकसभा सीट से भाजपा के दिग्गज नेता एवं केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी चुनाव मैदान में हैं. बिहार में जमुई लोकसभा सीट से राम विलास पासवान के बेटे चिराग पासवान एवं उत्तराखंड की उधमसिंह नगर ,लोकसभा सीट से कांग्रेस के नेता एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री हरीश रावत की किस्मत का फैसला ई.वेई.एम मशीन में बंद हो चुका है.