''संघ में आने से व्यक्ति वैचारिक रूप से पवित्र हो जाता है '
   दिनांक 22-अप्रैल-2019
 

 पुस्तक विमोचित करते (दाएं से तीसरे) श्री भैयाजी जोशी । साथ में हैं अन्य विशिष्टजन
गत दिनों पुणे में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह श्री भैयाजी जोशी ने रवींद्र तथा राजाभाऊ मुले लिखित और साप्ताहिक विवेक व हिंदुस्तान प्रकाशन द्वारा प्रकाशित पुस्तक 'परीसवेध' का विमोचन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जैसे गंगा उसमें आने वाली सभी धाराओं को पवित्र करती है, वैसे ही संघ में आने वाला हर व्यक्ति वैचारिक रूप से पवित्र हो जाता है। संघ में जो भी आया, उसने ऐसा महसूस किया ही होगा। उन्होंने कहा कि मुले जी ने इस पुस्तक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 93 वर्ष की यात्रा में सब कुछ न्योछावर करते हुए व्यक्ति निर्माण के कार्य में खुद को समर्पित करने वाले लोगों का चित्रण किया है।
इस अवसर पर उन्होंने समर्थ भारत वेबसाइट का लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम में अपने विचार रखते हुए श्री राजाभाऊ मुले ने कहा कि 'जो मैं लिख रहा था, वह पाठकों को पसंद आ रहा था, यह ध्यान में आने के बाद पुस्तक लिखने का प्रोत्साहन मिला। मुझे इस पुस्तक के माध्यम से व्यक्ति निर्माण के कार्य को समर्पित संघ योद्धाओं के चरित्र शब्दांकित करने का सौभाग्य मिला है।' इस अवसर पर हिंदुस्तान प्रकाशन संस्था के अध्यक्ष श्री रमेश पतंगे, नानाजी जाधव, रवींद्र वंजारवाडकर प्रमुख रूप से उपस्थित थे।