राहुल गांधी ने 'चौकीदार-चोर' टिप्पणी पर माफी मांगी फिर कहा चुनावी जोश में खो बैठे थे होश
   दिनांक 22-अप्रैल-2019

पहले झूठ बोलो, चल जाए तो ठीक लेकिन जब कोर्ट में कोई खींच ले और कोई रास्ता न सूझे तो माफी मांग लो। पहले चिल्लाओ, आरोप लगाओ, जब फंसने की बारी आए तो दुम दबाओ और वहां से निकल लो। राहुल गांधी ने पहले तो प्रधानमंत्री के लिए चौकीदार चोर हैं जैसे घृणित शब्दों का प्रयोग किया। इसके बाद उन्होंने एक चुनावी रैली में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि अब तो सुप्रीम कोर्ट ने भी मान लिया है कि चौकीदार चोर है। इस मामले में भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी द्वारा दायर मानहानि याचिका पर जब सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लेकर राहुल गांधी को न्यायालय में बुला लिया तो उन्होंने बिना शर्त माफी मांग ली। कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने चुनाव प्रचार के दौरान सुप्रीम कोर्ट के हवाले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘भ्रष्‍टाचारी’ कहने पर ‘खेद’ जताया है. राहुल गांधी ने शीर्ष अदालत से बिना शर्त माफी मांगी . राहुल ने भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी द्वारा दायर मानहानि याचिका पर जवाब देते हुए माना कि SC ने कभी इन शब्‍दों का इस्‍तेमाल नहीं किया. राहुल ने अदालत से कहा है कि “मैं भविष्य में कभी दोबारा कोर्ट को लेकर किसी प्रकार की टिप्पणी या निष्कर्ष का प्रयोग मीडिया के समक्ष राजनैतिक बयान में नहीं करूंगा।” उन्‍होंने माना कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में चौकीदार चोर है, वाली टिप्पणी नहीं की थी. यह सब तो चुनाव प्रचार के दौरान जोश में उनके मुंह से निकल गया था. वह कोर्ट को भरोसा दिलाते हैं कि भविष्य में वे दोबारा ऐसा नहीं करेंगे. राहुल गांधी ने माना चुनाव प्रचार के दौरान वह जोश में गलत शब्‍दों का इस्‍तेमाल कर बैठे थे. गौरतलब है कि राहुल ने सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के बाद एक रैली में यह बयान दिया था जिसमें अदालत ने मीडिया में लीक हुए दस्‍तावेजों के आधार पर फैसला सुनाने की बात कही थी.