''आतंकवाद को करारा जवाब देने का समय''
   दिनांक 22-अप्रैल-2019

समारोह को संबोधित करते मेजर जनरल (सेनि.) जी.डी. बक्शी
गत दिनों इंदौर में डॉ़. हेडगेवार स्मारक समिति द्वारा चिंतन यज्ञ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित थे मेजर जनरल (सेनि़) जी.डी. बक्शी। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि देश के नागरिकों की सुरक्षा ही सरकार का पहला उत्तरदायित्व है। भारतीय सेना के लिए देश की सुरक्षा और सेवा प्रमुख ध्येय होती है, इसे प्रत्येक सैनिक जीवनपर्यन्त निभाता है। इसलिए लोगों की जिम्मेदारी बनती है कि वे सैनिकों का मनोबल बढ़ाएं। लेकिन इसी समाज से कुछ लोग सबूत मांगकर उनके पराक्रम पर प्रश्नचिन्ह उठा रहे हैं, जो बेहद शर्मनाक है! उन्होंने कहा कि आज देश को तोड़ने के लिए एक खतरनाक विचारधारा पनप रही है। पाकिस्तान पिछले चार युद्ध हारने के बाद कश्मीर को पाने के लिए अप्रत्यक्ष युद्ध की चाल पर चाल चले जा रहा है। इसी का परिणाम है कि आतंकवादी हमलों के कारण पिछले 30 वषोंर् में 80 हजार से अधिक भारतीय लोगों की जान गई है। इसलिए अब हमें अपने देश के नागरिकों की जान की कीमत समझनी होगी। उन्होंने कहा कि सामान्य नागरिकों के लिये सबसे पहला मौलिक अधिकार जीवित रहने का अधिकार है, क्योंकि जीवित रहने पर ही शिक्षा, नौकरी और दूसरे कार्य संभव हैं। हमारी पिछली सरकार आतंकवादी आक्रमणों का केवल सामना करती थी और उससे होने वाले नुकसान की भरपाई करने तक सीमित थी। 2016 में पहली बार सर्जिकल स्ट्राइक से सैनिकों का आत्मविश्वास बढ़ा है। पुलवामा की घटना के बाद हमारे सब्र का बांध टूट गया और हमने आतंकवादियों को करारा नुकसान पहुंचाया। जब तक आतंकवाद पर पूर्ण विराम नहीं लगता, तब तक यह गति रुकने वाली नहीं है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित प्रख्यात कमेंटेटर सुशील दोशी ने कहा कि पाकिस्तान के वर्तमान प्रधानमंत्री जो अपने आप को उदारवादी बताते हैं, वे अपने खिलाड़ी जीवन में घमंडी थे। वे उस समय भी कश्मीर को लेकर बहुत सी प्रतिक्रियाएं देते थे। इस अवसर पर डॉ़ हेडगेवार स्मारक समिति के अध्यक्ष श्री ईश्वर दास हिंदुजा भी उपस्थित रहे।