राहुल गांधी ने चुनाव आयोग से बोला बड़ा झूठ
   दिनांक 24-अप्रैल-2019
वामपंथी पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के बाद राहुल गांधी द्वारा रा.स्व.संघ पर झूठा आरोप लगाने के मामले में मुंबई की एक अदालत में चल रहे केस में व्यक्तिगत पेशी से बचने के लिए राहुल ने अपने वकील को भेजा। न्यायालय ने 5 अप्रैल को उन्हें पेश होने को कहा था। वहीं 5 पांच अप्रैल को वायनाड में नामांकन के दौरान राहुल ने झूठा हलफनामा दिया कि उन्हें कोई समन नहीं मिला है
राहुल गांधी आदतन झूठ बोलते हैं। राफेल का मामला हो या सुप्रीम कोर्ट का हवाला देकर 'चौकीदार चोर है' बोलना। हर झूठ के बाद उनकी फजीहत होती है। अब राहुल गांधी का एक और बड़ा झूठ सामने आया है। उन्होंने चुनाव आयोग को नामांकन के समय भी एक बड़ा झूठ बोला है।

 
पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के बाद रा.स्व.संघ का नाम लेकर निराधार आरोप लगाने के मामले में मुंबई के मझगांव न्यायालय में चल रहे मामले का समन मिलने की जानकारी होने से राहुल गांधी ने इंकार किया है, जबकि समन 1 अप्रैल को राहुल गांधी को प्राप्त हो गया था, लेकिन उन्होंने 5 अप्रैल को वायनाड में और 10 अप्रैल को अमेठी में नामांकन के दौरान आयोग को दिए हलफनामे में झूठ लिखकर दिया कि उन्हें इस संबंध में समन नहीं मिला है। इस मामले में मुंबई निवासी सामाजिक कार्यकर्ता गुरप्रीत सिंह आनंद ने चुनाव आयोग को शिकायत की है।
बता दें कि पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के बाद राहुल गांधी ने इसे रा.स्व.संघ की साजिश बताया था। राहुल के निराधार आरोपों के बाद इस मामले में मुंबई के अधिवक्ता ध्रुतमन जोशी ने न्यायालय में अवमानना याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि राहुल गांधी ने निराधार आरोप लगाकर रा.स्व.संघ की प्रतिष्ठा धूमिल करने का प्रयास किया है। 
मझगांव में कोर्ट नंबर 25 में चल रहे (Case no. 624/SS/2018) के तहत राहुल गांधी को 5 अप्रैल को वहां प्रस्तुत होना था। न्यायालय की तरफ से राहुल गांधी को 29 मार्च को समन भेजा गया, जिसमें उन्हें 5 अप्रैल को न्यायालय में प्रस्तुत होने को कहा गया था। 1 अप्रैल को दिल्ली के तुगलक रोड स्थित राहुल गांधी के घर पर समन पहुंच गया। समन की रिसीविंग भी ली गई। राहुल की तरफ से इस संबंध में व्यक्तिगत पेशी से छूट के लिए उनके अधिवक्ता न्यायालय में प्रस्तुत हुए और व्यक्तिगत पेशी से छूट मांगी जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया। 5 अप्रैल को जिस दिन राहुल गांधी को न्यायालय में प्रस्तुत होना था उसी दिन उन्होंने वायनाड में चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया। नियमानुसार अपने हलफनामे में राहुल गांधी ने चुनाव आयोग को इस केस के बारे में भी बताया लेकिन साथ ही चुनाव आयोग से बड़ा झूठ भी बोल डाला। उन्होंने कहा कि उन्हें मीडिया रिपोर्ट के माध्यम से इस मामले की जानकारी मिली है लेकिन अभी तक न्यायालय से उन्हें इस संबंध में कोई समन जारी नहीं हुआ। राहुल ने आयोग को दिए गए अपने हलफनामे में स्पष्ट झूठ बोला कि उन्हें इस संबंध में समन नहीं मिला। 10 अप्रैल को राहुल गांधी ने अमेठी में नामाकंन भरने के दौरान भी चुनाव आयोग को यही जानकारी दी। गुरप्रीत ने राहुल गांधी द्वारा आयोग के सामने झूठा हलफनामा प्रस्तुत करने के संबंध में शिकायत दी है। उनका कहना है कि राहुल गांधी लगातार सामाजिक संगठनों और लोगों के बारे में झूठ बोलकर उनकी प्रतिष्ठा धूमिल करने का प्रयास करते हैं। उन्होंने चुनाव आयोग को भी झूठी जानकारी दी है इसलिए उन पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
 
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