अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले में “आरजी” को 50 करोड़ की दलाली मिली, क्या आपको पता है ये “आरजी” कौन है...
   दिनांक 05-अप्रैल-2019
बिचौलिये क्रिश्चियन मिशेल ने खरीद में दलाली लेने वाले एपी की शिनाख्त अहमद पटेल के तौर पर की है. अब ईडी ये देख रहा है कि पचास करोड़ की दलाली लेने वाला आरजी कौन है. वैसे यह दीवार पर लिखी इबारत की तरह साफ है कि ये किसके नाम का जिक्र हो रहा है.
नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय ने अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर खरीद घोटाले में गुरूवार को पूरक आरोपपत्र दाखिल किया. इसके मुताबिक बिचौलिये क्रिश्चियन मिशेल ने खरीद में दलाली लेने वाले एपी की शिनाख्त अहमद पटेल के तौर पर की है. अब ईडी ये देख रहा है कि पचास करोड़ की दलाली लेने वाला आरजी कौन है. वैसे यह दीवार पर लिखी इबारत की तरह साफ है कि ये किसके नाम का जिक्र हो रहा है. लेकिन ईडी को आरजी को आरोपी बनाने के लिए पुख्ता सुबूतों की दरकार है.
सोनिया के सबसे खास हैं अहमद पटेल
ईडी ने दिल्ली की अदालत में प्रीवेंशन आफ मनिलांड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत ये पूरक आरोपपत्र दाखिल किया है. इसके मुताबिक जब यह सौदा हुआ, तो रक्षा अधिकारियों के साथ-साथ नौकरशाहों, पत्रकारों और तत्कालीन सत्तारूढ़ पार्टी महत्वपूर्ण नेताओं को दलाली दी गई. आरोपपत्र के मुताबिक मिशेल ने एपी इनिशियल की पहचान अहमद पटेल के रूप में की है. अहमद पटेल यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार हैं. उन्हें सोनिया और राहुल का सबसे विश्वस्त सिपहसालार माना जाता है.
मिशेल ने बताया एपी मतलब अहमद पटेल
आरोपपत्र के मुताबिक हेलीकॉप्टर खरीद का यह सौदा अगस्ता वेस्टलैंड के पक्ष में कराने के लिए तीन करोड़ यूरो की रिश्वत बजट शीट में दर्ज है. इस बजटशीट में दलाली पाने वालों के नाम इनिशियल के तौर पर दर्ज हैं. मिशेल से पूछताछ में इन इनिशियल के आधार पर दलाली पाने वालों के पूरे नाम का खुलासा हो रहा है. दलाली पाने वालों की अलग-अलग श्रेणी बजटशीट में दर्ज हैं. इसमें भारतीय वायुसेना के अधिकारी, रक्षा मंत्रालय समेत कई विभागों के नौकरशाह और तत्कालीन सत्तारूढ़ पार्टी के आला नेताओं के नाम हैं. मिशेल के मुताबिक बजट शीट में एपी के तौर पर जो नाम दर्ज है, वह अहमद पटेल हैं. इसके अलावा फेम शब्द का पूरा मतलब फैमिली है.
 
12 फीसद दलाली हुई थी तय
इडी के मुताबिक इस पूरे सौदे की रकम का 12 फीसद दलाली के रूप में तय हुआ था. इसी के तहत दो बिचौलियों क्रिश्चियन मिशेल और गुइदो हैशके के जरिये सात करोड़ यूरो की दलाली बांटी गई. आरोपपत्र के मुताबिक दलाली की रकम सात करोड़ यूरो थी, जो कि निर्विवाद तथ्य है. आरोपपत्र में कहा गया है-मिशेल ने पूछताछ में कहा कि मैं नहीं कह सकता कि हैशके क्या सोच रहा था. लेकिन मेरे अनुमान के मुताबिक वह अहमद पटेल की बात कर रहा था. जिस समय पीएमएलए के तहत ईडी ने एफआईआर दर्ज की, उस समय तक बजटशीट में दिए गए इनीशियल से यह स्थापित नहीं हो पा रहा था कि ये किन लोगों के नाम है. इसी के चलते मूल प्राथमिकी में अहमद पटेल को नामजद नहीं किया गया था. हालांकि मूल आरोपपत्र में इसी घोटाले में गिरफ्तार राजीव सक्सेना ने दावा किया था कि एपी का मतलब अहमद पटेल है.
प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार दलाली की रकम की पुष्टि मिशेल और हैशके के नियंत्रण वाले बैंक खातों के ब्योरे से भी होती है. कंपनी ने इस हेलीकॉप्टर खरीद सौदे के लिए इन दोनों को भारत में अपना प्रतिनिधि नियुक्त किया था. कंपनी किसी भी कीमत पर यह सौदा हासिल करना चाहती थी. ईडी ने 52 मूल पेज के साथ 3000 पन्नों का पूरक आरोपपत्र दाखिल किया है. इसमें मिशेल के कारोबारी साझेदार डेविड सिम्स को भी नामजद किया गया है. इन दोनों के मालिकाना हक वाली दो कंपनियों ग्लोबल ट्रेड एंड कॉमर्स लिमिटेड और ग्लोबल सर्विसेज एफजेडई को भी अभियुक्त ठहराया गया है. विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार ने पूरक आरोपपत्र पर सुनवाई के लिए छह अप्रैल की तारीख तय की है.
कौन है आरजी
ईडी के मुताबिक आरजी इनिशियल वाले शख्स को 2004 से 2016 के बीच अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी से पचास करोड़ रुपये हासिल हुए. ईडी ने यह सनसनीखेज दावा अगस्ता वेस्टलैंड मामले में आरोपी सुशेन गुप्ता की रिमांड हासिल करने के लिए अदालत में किया. रिमांड एप्लीकेशन में ईडी ने कहा कि सुशेन गुप्ता मामले की जांच को भटकाने की कोशिश कर रहा है. उसकी डायरी और पेन ड्राइव में बार-बार आरजी इनिशियल का जिक्र है. लेकिन बार-बार इसका गलत मतलब बता रहा है. एप्लीकेशन में कहा गया है कि सुशेन ने आरजी के तौर पर रजत गुप्ता का नाम लिया. सुशेन के दावे की जांच के लिए ईडी रजत गुप्ता से पूछताछ कर चुकी है. रजत गुप्ता ने सिर्फ 2007 में सुशेन के साथ कुछ लेन-देन की बात मानी. लेकिन उसका इस सौदे से कोई सरोकार नहीं है. ईडी का कहना है कि सुशेन गुप्ता जानबूझकर आरजी की सही पहचान नहीं बता रहा है. ईडी का इरादा सुशेन गुप्ता को रिमांड पर लेकर आरजी का सच उगलवाने का है.
 
क्या है अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर खरीद घोटाला
यूपीए सरकार ने फरवरी 2010 में अगस्ता वेस्टलैंड के साथ 12 हेलिकॉप्टरों की खरीद को लेकर एक डील साइन की थी. ये हेलीकॉप्टर भारतीय एयरफोर्स के लिए खरीदे जाने थे, जिनमें से 8 का इस्तेमाल राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अन्य वीवीआईपी की उड़ान के लिए किया जाना था. यह पूरा सौदा 3600 करोड़ रुपये का था. इसमें कथित तौर पर 360 करोड़ रुपये की दलाली की बंदरबांट हुई. हालांकि यह सौदा रद कर दिया गया. लेकिन फिर एक बार सामने आया कि कांग्रेस की सरकारों में रक्षा खरीद कैसे होती है. पूर्व वायुसेना प्रमुख एस.पी. त्यागी, उनके परिवार के कई सदस्य समेत 18 लोगों को आरोपी बनाया गया था. इटली की अदालत ने भी इस घोटाले में रिश्वतखोरी के आरोपों को सही पाते हुए अगस्ता वेस्टलैंड के पूर्व सीईओ ब्रूनो स्पैगनोलिनि को साढ़े चार साल की जेल की सजा सुनाई थी. केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के कूटनीतिक शिकंजे के चलते इस पूरे मामले में नया मोड़ आया. घोटाले के बाद से फरार इस सौदे के बिचौलिये क्रिश्चियन मिशेल जेम्स को फरवरी 2017 में दुबई में गिरफ्तार कर लिया गया. बाद में उसे भारत लाया गया. मिशेल से पूछताछ के में जिस तरह के तथ्य सामने आ रहे हैं, उससे फिर साफ हो जाता है कि यूपीए की सरकार में सत्ता के उच्च स्तर तक भ्रष्टाचार की गहरी जड़ें फैली थीं.