राहुल के घर के बाहर सिखों का प्रदर्शन
   दिनांक 10-मई-2019
सिख कांग्रेसी नेता सैम पित्रोदा के उस बयान से नाराज थे, जिसमें उन्होंने 1984 के सिख नरसंहार के संबंध में 9 मई को कहा था,'1984 में हुआ तो हुआ 
 
आज 10 मई को नई दिल्ली में सिखों ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के तुगलक रोड स्थित घर के बाहर प्रदर्शन किया और उनका पुतला जलाया। ये सिख कांग्रेसी नेता सैम पित्रोदा के उस बयान से नाराज थे, जिसमें उन्होंने 1984 के सिख नरसंहार के संबंध में 9 मई को कहा था,'1984 में हुआ तो हुआ, आपने क्या किया!' उनके इस बयान के बाद भाजपा ने राहुल गांधी को सिखों से माफी मांगने को कहा था। उसी कड़ी में आज भाजपा दिल्ली प्रदेश के सिख प्रकोष्ठ ने प्रदर्शन का आयोजन किया। प्रदर्शनकारी पहले तुगलक रोड थाने के बाहर जमा हुए और वहां से नारे लगाते हुए राहुल के घर की ओर बढ़े। इनका नेतृत्व वरिष्ठ भाजपा नेता आर.पी. सिंह कर रहे थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को राहुल के घर से कुछ दूरी पहले ही रोक दिया। वहीं प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस और राहुल गांधी के विरुद्ध जमकर नारे लगाए और पुतला दहन किया। इसी दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। कुछ देर बाद उन्हें छोड़ भी दिया गया। प्रदर्शन में शामिल वरिष्ठ भाजपा नेता आर.पी. सिंह ने कहा कि ''कांग्रेस के नेता मरें तो उन्हें बलिदानी कहा जाता है और सिख मरें तो उनके लिए कहा जाता है जो हुआ तो हुआ। यह नहीं चलेगा। सिखों के असली हत्यारे राजीव गांधी थे। उन्होंने दंगाइयों को रोकने की जगह उनको उकसाने वाला बयान दिया था। अब राहुल गांधी को सिखों से माफी मांगनी होगी। त्रिलोकपुरी के रहने वाले ''संतोख सिंह ने कहा कि ''1984 में मेरे परिवार के 20 लोगों को मार दिया गया था। जब तक कांग्रेस का राज रहा एक भी दंगाई को सजा नहीं हुई। अब मोदी सरकार ने कुछ दंगाइयों को सजा दिलवाई है। कांग्रेस ने दंगाइयों को बचाया ही नहीं, जब—तब अपने बयानों से हमें घायल भी किया। सैम पित्रोदा ने भी यही किया है। कांग्रेस उन्हें पार्टी से बाहर करे और सिखों से माफी मांगे।''