अंसारी ने कहा मुसलमान जनसभा में न लगाएं 'टोपी'
   दिनांक 16-मई-2019

मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति करने वालों के अच्छे दिन नहीं चल रहे हैं. मुसलमानों को संगठित होने का आह्वान करने वालों की हवा बिगड़ चुकी है. चुनाव के मौसम में अक्सर यह तक़रीर की जाती थी कि इस्लाम खतरे में है. अब मुस्लिम भाइयों को एक होना पड़ेगा. इस बार के चुनाव में यह सब बंद है. मुस्लिम परस्त राजनीतिक दल अब हिन्दुओं की नाराजगी से बचने का हर संभव उपाय कर रहे हैं. चुनाव में, हिन्दू बनाम मुसलमान न होने पाए. गाजीपुर लोकसभा सीट पर बसपा के प्रत्याशी अफजाल अंसारी ने सभी मुसलमानों को यह सन्देश भिजवाया है कि कोई भी मुसलमान उनकी जनसभा में टोपी लगाकर न आए.
शुरुआती दौर की जनसभाओं में मुसलमान अपनी एकजुटता दिखाने के लिए एक ख़ास किस्म की टोपी लगाकर आना शुरू हुए मगर बाद में अफजाल अंसारी ने टोपी लगाकर जनसभा में आने के लिए मना करा दिया . सपा – बसपा गठबंधन में गाजीपुर लोकसभा सीट बसपा को मिली. बसपा प्रत्याशी अफजाल अंसारी को अब यह डर सताने लगा है कि हिन्दू संगठित हो चुका है. अफजाल को भय है कि हिन्दुओं के बीच मुसलमानों की एकजुटता की बात जाहिर न होने पाए. अगर ऐसा होता है तो हिन्दुओं में और एकजुटता बढ़ेगी. इसीलिए अफजाल अंसारी ने हिन्दू बहुल क्षेत्रों में यह सन्देश देने की कोशिश की है कि वह मुसलमानों से दूरी बना कर चल रहे हैं.
सूत्रों के अनुसार अंसारी ने जुमे की नमाज में एकत्र होने वाले नमाजियों और अन्य मुस्लिम बस्तियों में यह सन्देश भिजवाया है कि केवल मतदान पर ध्यान केन्द्रित करें. जन सभाओं में आने की जरूरत नहीं है. जनसभाओं में केवल हिन्दुओं को जुटाया जा रहा है ताकि जनता में यह सन्देश जाए कि अफजाल अंसारी हिन्दुओं के बीच ज्यादा लोकप्रिय हैं. दरअसल अंसारी को भलीभांति यह मालूम है कि अगर हिन्दू बनाम मुसलमान की भावना पर मतदान हुआ तो उनका सूपड़ा साफ़ हो जाएगा. अफजाल अंसारी चुनाव में तभी तक दावेदारी ठोक सकते हैं यदि हिन्दू जातियों में बंटा हुआ रहता है। लेकिन अब लोग जाति से ऊपर उठकर विकास के नाम पर वोट दे रहे हैं। भाजपा के प्रत्याशी मनोज सिन्हा लोगों के बीच जाकर मोदी सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों के नाम पर वोट मांग रहे हैं इससे लोग बहुत प्रभावित हैं।