एग्जिट पोल में फिर से मोदी सरकार, अभी से पस्त हुआ विपक्ष
   दिनांक 20-मई-2019
 
लोकसभा चुनाव संपन्न हो गए. एग्जिट पोल सामने हैं. इनके अनुसार एक बार फिर मोदी सरकार. हालांकि, फैसला 23 मई को सुनाया जाएगा , पिछले तकरीबन डेढ़ महीनों से लंबी थकान भरी चुनावी प्रक्रिया के बाद एक बड़ा वर्ग इस बात को मानने को तैयार नहीं था कि 2019 में मोदी लहर है, लेकिन एग्जिट पोल के तमाम टीवी चैनल्स और एजेंसियों के नतीजों ने इस बात को की हवा निकाल दी कि 5 साल के नरेंद्र मोदी शासनकाल के बाद वो अब जनता की पहली पसंद नहीं रहे, और कांग्रेस और राहुल के तमाम आरोपों के चलते नरेंद्र मोदी सरकार का आना मुश्किल होगा लेकिन जैसे ही शाम 6:00 बजे का वक्त नजदीक आता गया, और एग्जिट पोल के नतीजे धीमे-धीमे सामने आने लगे, कांग्रेस के नेताओं और एजेंडा पत्रकारों के चेहरों पर मायूसी छाने लगी. कुछ एग्जिट पोल्स में तो अकेले बीजेपी को बहुमत मिलते दिखाया गया है
अगर कुछ महत्वपूर्ण एग्जिट पोल के नतीजों पर नजर डालें तो ज्यादातर चैनल और एजेंसी एनडीए सरकार को पूर्ण बहुमत का दावा करती नजर आईं, देश के सबसे तेज चैनल होने का दावा करने वाले आजतक ने इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया का सर्वे दिखाया कि मोदी मैजिक एक बार फिर से चलता दिख रहा है. 2014 की तर्ज पर इस बार भी मध्य प्रदेश, राजस्थान, गोवा, गुजरात, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में बीजेपी को भारी सीटें मिलने की उम्मीद बतायी गयी, चैनल ने सबसे बडे सैंपल के साथ एग्जिट पोल का वादा भी किया, इसके मुताबिक बिहार में एनडीए को 38 से 40 सीटें मिल सकती हैं. ये अपने आप मे चौंकाने वाला था, लालू के जेल जाने के बाद सहानुभूति की लहर का दावा किया जा रहा था, लेकिन उसकी हवा निकल गई, चैनल के अनुसार दिल्ली की सातों सीटें भाजपा के खाते में जा सकती है. यहां से आम आदमी पार्टी का खाता भी नहीं खुलता दिख रहा है। दूसरा चौंकाने वाल अनुमान पश्चिम बंगाल से आया, जहां दावा किया गया, कि इस बार ममता बनर्जी के गढ़ में बीजेपी सेंध लगा रही है. यहां की कुल 42 सीटों में से बीजेपी के पास 19 से 23 और टीएमसी को 19 से 22 सीटें मिलने का अनुमान है. कांग्रेस के पास सिर्फ एक सीट आ सकती है. लेफ्ट का खाता भी खुलना मुश्किल दिखाई दे रहा है. ओडिशा में भी जबरदस्त उलटफेर की बात कही गई है, यहां काफी समय से सत्ता पर काबिज बीजेडी को भारी नुकसान होने का अनुमान है. एग्जिट पोल के मुताबिक ओडिशा में कुल 21 सीटों में से बीजेपी को 15 से 19, कांग्रेस को एक और बीजेडी को 2 से 6 सीटें मिल सकती हैं. यूपी को लेकर सबसे ज्यादा उहापोह की स्थित रही, चैनल के मुताबिक उत्तर प्रदेश की 80 सीटों में से एनडीए को 62 से 68 सीटें मिलती दिख रही हैं. वहीं यूपीए को सिर्फ 1 से 2 सीटें मिलती दिख रही हैं. महागठबंधन को 10 से 16 सीटें मिल सकती हैं. उत्तराखंड और हरियाणा में क्लीन स्वीप की बात कही गयी, एग्जिट पोल के मुताबिक उत्तराखंड की 5 और हरियाणा की दसों सीटें भाजपा के पास जाती दिख रही हैं. कांग्रेस को एक भी सीट मिलती नहीं दिख रही. उत्तर प्रदेश को लेकर काफी समय तक कन्फ्यूजन की स्थिति बनी रही, और देर रात तक जाकर चैनलों ने दावा किया कि महागठबंधन और भाजपा में ही लड़ाई है. पश्चिमी उत्तर में जहां जाट और मुस्लिम समीकरण यदि हुआ तो यह महागठबंधन के पक्ष में जा सकता है, इंडिया टुडे- चाणक्य और एक्सिस माय इंडिया के मुताबिक यूपी में एसपी-बीएसपी गठबंधन बीजेपी को रोकने में नाकाम दिख रहा है। एक्सिस माय इंडिया के मुताबिक यूपी की 80 सीटों में एनडीए को 62-68 सीटें मिल सकती हैं। इसमें अकेले बीजेपी 60-66 और सहयोगी अपना दल को 2 सीटें मिल सकती हैं। एसपी-बीएसपी गठबंधन को 10-16 और कांग्रेस को 1 से 2 सीटें मिल सकती हैं। इसी तरह टुडे चाणक्य एग्जिट पोल के मुताबिक यूपी में एनडीए को 65 (+-8) सीटें यानी 57 से लेकर 73 तक सीटें मिल सकती हैं। वहां से सीटें गठबंधन के पक्ष में देने की बात कही गई, साथ ही कर्नाटक की बात करें तो यहां की 28 सीटों में से बीजेपी को 21 से 25 सीटें, यूपीए को 3 से 6 सीटें और अन्य के खाते में 1 सीट जाती दिख रही है.
हालांकि इस को लेकर देशभर में बहस हमेशा से रही है कि एग्जिट पोल की विश्वसनीयता कितनी है पिछले कुछ सालों और दशकों में एग्जिट पोल के नतीजे गलत भी साबित हुए हैं लेकिन वह एक या दो एजेंसियों तक ही सीमित होते थे, लेकिन अब चैनलों और सर्वे एजेंसियों की तादाद बढ़ी है, और अगर बहुतायत में पोल पार्टी एक गठबंधन को पूर्ण बहुमत का दावा करें , तो इस से जनता के सामूहिक मूड को समझा जा सकता है, सबसे चौंकाने वाली बात यह रही है कि उत्तर प्रदेश और बंगाल , जहां पर सबसे ज्यादा फोकस था और है, लेकिन मीडिया तमाम उतार-चढ़ाव, जातीय समीकरण, एंटी इनकंबेंसी जैसे मुद्दो के चलते नतीजे को देख रहा था, उसने भी माना कि मोदी लहर है, इंडिया टीवी ने असम में भाजपा को 9 से ज्यादा सीटें दीं, तो कांग्रेस को 2 और बदुरूद्दीन अजमल की पार्टी को भी 2 दी, यानी भाजपा फायदे में है, राजस्थान में चैनल भाजपा को 21,पंजाब में भाजपा को नुकसान की खबर दे रहा है, लेकिन नुकसान की भरपाई शिरोमणि अकाली दल पूरा कर रहा है। छत्तीसगढ़ में भाजपा को फायदा भी बताया गया,
सबसे दिलचस्प रहा एनडीटीवी, जहां खुद का कोई सर्वे नहीं था, लेकिन सारे चैनलों का सर्वे पर विश्लेषण रहा. हालांकि एंकर्स के मुख से सरकार को सलाह, लोकतंत्र के संभावित खतरे की बात लगातार कही जाती रही, लेकिन चैनल की प्रस्तुति अपने आडंबर के उतरने की दास्तां बनकर ही रह गई है।
 
एक और गौरतलब एग्जिट पोल न्यूज 24 का रहा जहां एजेंसी चाणक्य थी, जिसने कुछ साल पहले अपनी सटीक भविष्यवाणी और आंकलन से खासा ध्यान खींचा था, इस बार चाणक्य का अनुमान सब पर भारी है, लगभग सटीक भविष्यवाणी करने वाले न्यूज 24-टुडेज चाणक्य ने 300 सीटों का अनुमान लगाया है। एजेंसी के अनुसार एनडीए को 350 से ज्यादा सीटें मिल रही है। टाइम्स नाउ-वीएमआर एग्जिट पोल ने 304, न्यूज 24-टुडेज चाणक्य ने 350, इंडिया टुडे-एक्सिस माय इंडिया ने 339-365 और सी वोटर ने 287 सीटों का अनुमान लगाया है।
एग्जिट पोल के रुझानों के बाद राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति बनानी भी शुरू कर दी है। वहीं कुछ दल वेट एंड वॉच की नीति अपना रहे हैं। इन सबके बीच बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती का आज दिल्ली जाने का कार्यक्रम था। कल देर शाम एग्जिट पोल आने के बाद उनका दिल्ली जाने का यह कार्यक्रम रद हो गया. 2014 में मोदी को लेकर सकारात्मकता थी, लेकिन यदि भाजपा अपना पिछला प्रदर्शन सुधारती है, तो यह मोदी लहर कहा जायेगा। भाजपा नए राज्यों में अपना विस्तार करने में कामयाब होती दिख रही है। साथ ही उन राज्यों में पैर जमा रही है, खासकर बीजेडी शासित ओडिशा और तृणमूल कांग्रेस की सरकार वाले पश्चिम बंगाल में भाजपा को शानदार सफलता हासिल होने के संकेत हैं। एक बार फिर नंबर कम ज्यादा हो सकते हैं, लेकिन दावे के साथ कहा जा सकता है. कि आयेगा तो मोदी ही।