अमेठी में स्मृति ईरानी के समर्थक की हत्या
   दिनांक 27-मई-2019
अमेठी जनपद के बरौलिया गांव के प्रधान थे सुरेंद्र सिंह. चुनाव में दिया था स्मृति ईरानी का साथ. अंतिम यात्रा में पहुंची स्मृति ने स्वयं कांधा देकर कायम की मिसाल
अभी लोकसभा चुनाव समाप्त हुआ ही था कि अमेठी जनपद के बरौलिया गांव के पूर्व प्रधान सुरेन्द्र सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गयी. पूर्व प्रधान की हत्या के बाद स्मृति ईरानी आनन - फानन में घटना स्थल पर पहुंची. स्मृति ईरानी ने सुरेन्द्र सिंह के शव को प्रणाम किया और शव को कांधा भी दिया. इस घटना को उत्तर प्रदेश शासन ने बेहद गंभीरता से लिया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस महानिदेशक ओम प्रकाश सिंह को आदेश दिया है कि केवल 12 घंटे के भीतर इस घटना का खुलासा किया जाए. घटना के बाद उत्तर प्रदेश के राज्य मंत्री एवं अमेठी जनपद के प्रभारी मंत्री मोहसिन रजा ने भी परिजनों से मुलाक़ात की और कार्रवाई के लिए भरोसा दिलाया.
बता दें कि बरौलिया गांव के पूर्व प्रधान सुरेन्द्र सिंह ने अमेठी लोकसभा सीट पर स्मृति ईरानी का चुनाव प्रचार किया था. अमेठी में चुनाव प्रचार के दौरान वह स्मृति ईरानी के साथ में रहते थे. पुलिस को शक है कि इस घटना के पीछे कोई चुनावी रंजिश भी हो सकती है. उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओम प्रकाश सिंह का कहना है कि “अभी तक 7 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया गया है. उन सभी से सख्ती से पूछ ताछ की जा रही है.” घटना के बारे में बताया जा रहा है कि शनिवार की रात पूर्व ग्राम प्रधान सुरेन्द्र अपने घर के बाहर सो रहे थे. तभी कुछ अपराधियों ने कई राउंड गोली चलायी. घटना को अंजाम देने के बाद अभियुक्त मौके से फरार हो गए. घायल अवस्था में सुरेन्द्र सिंह को पहले जिला अस्पताल ले जाया गया. हालत नाजुक होने पर डाक्टरों ने उन्हें ट्रामा सेंटर लखनऊ के लिए रिफर कर दिया. लेकिन लखनऊ पहुंचने के पहले रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई.
परिवार के लोगों को शक है कि सुरेन्द्र सिंह की हत्या चुनावी रंजिश में की गयी है. मृतक के पुत्र सुरेश ने आरोप लगाया है कि " स्मृति ईरानी जी के विजयी होने के बाद कांग्रेस के कुछ समर्थकों को यह बर्दाश्त नहीं हुआ था. मेरे पिता, स्मृति जी के सहयोगी थे और हर समय चुनाव प्रचार में लगे रहते थे. मुझको लगता है कि कांग्रेस के समर्थकों ने ही मेरे पिता की हत्या करवाई है.
हर हाल में अभियुक्तों को सजा - ए - मौत दिलवाएंगे -स्मृति ईरानी
पूर्व प्रधान सुरेन्द्र सिंह के अंतिम संस्कार के बाद मीडिया से बात करते हुए स्मृति ईरानी ने कहा कि अमेठी आतंकित हो, अमेठी टूटे-अमेठी झुके इसीलिए सुरेंद्र सिंह की हत्या की गई.
स्मृति ने आगे कहा कि सन 1977 से लेकर 2019 तक सुरेंद्र प्रताप सिंह हर चुनाव मे एक कर्मठ कार्यकर्ता और नेता होने के नाते विकास के मुद्दे पर जनता को समाधान देते हुए अपना जीवन व्यतीत कर रहे थे. आज दुर्भाग्य है कि जश्न मनाने के बाद उनकी हत्या हो गई. भारतीय जनता पार्टी का शोकाकुल परिवार सुरेंद्र सिंह की आत्मा को प्रणाम करता है, उनकी आत्मा के साथ भाजपा का 11 करोड़ कार्यकर्ताओं का परिवार खड़ा है. नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ की सरकार का ध्येय रहा है कि कानून की मर्यादा मे इंसाफ हो. भाजपा का कार्यकर्ता और अमेठी का नागरिक आश्वस्त है कि हत्यारा अगर पाताल मे भी होगा तो उसे ढूंढ़ निकाला जाएगा और उसे इंसाफ तक पहुंचाया जाएगा. सुरेंद्र सिंह की पत्नी और उनके बेटे के समक्ष मैने एक संकल्प लिया है कि जिसने गोली चलाई और जिसने गोली चलाने का षड़यंत्र रचा है.उसके खिलाफ पुलिस अपनी कार्रवाई करेगी. अगर अभियुक्तों को सजा- ए- मौत दिलवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक भी जाना पड़े तो हम सब लोग सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटायेंगे और सुरेंद्र सिंह जी के परिवार को न्याय दिलवाएंगे.
स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी का नाम लिए बगैर कहा कि “23 तारीख़ को मुझे राजनीतिक संदेश दिया गया था कि अमेठी को प्यार से संभाले. जिस व्यक्ति ने मुझे संदेश दिया उनसे कहना चाहती हूं कि 'I have received the massage now will clear'