अमेरिका में भी मोदी की जीत का जश्न
   दिनांक 30-मई-2019
- लॉस एंजेल्स से ललित बंसल                          
भाजपा के सागरपारीय मित्र (ओवरसीज फ्रेंड्स आफ बीजेपी) नामक संगठन ने भारत में भाजपा की प्रचंड जीत पर खुशी जताई है। इस संगठन ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लोकसभा चुनाव में भाजपा की ऐतिहासिक जीत पर अमेरिका के 20 बड़े शहरों में जश्न मनाए जाने की घोषणा की है। संगठन के अध्यक्ष कृष्णा रेड्डी ने भाजपा की असाधारण जीत पर देश की जनता के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को बधाई देते हुए कहा है कि न्यूयॉर्क, न्यू जर्सी, बोस्टन, वाशिंगटन, रिच्मोंड, शिकागो, लॉस एंजेल्स, सान फ्रांसिस्को, डलास, सिएटल, ह्यूस्टन और आस्टिन आदि शहरों में इस जीत का जश्न मनाया जाएगा। संगठन के उपाध्यक्ष अड़पा प्रसाद, सचिव वासुदेव पटेल ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी को बधाई दी है।
लॉस एंजेल्स में भाजपा की ऐतिहासिक जीत पर भाजपा समर्थक खुशी मनाते हुए 
कृष्णा रेड्डी ने आशा जताई है कि अगले पांच साल में भारत आर्थिक रूप से सशक्त होगा, स्वास्थ्य सुविधाएं, शिक्षा, कृषि और पर्यावरण में नए मानदंड स्थापित कर सकेगा। उन्होंने कहा कि ओवरसीज फ्रेंड्स आफ बीजेपी ने पिछले चार महीने में ‘एनआरआई फॉर मोदी’ के माध्यम से बीस शहरों में ‘चाय पर चर्चा’, ‘चौकीदार मार्च’, ‘कार रैली’, ‘घर-घर मोदी’ आदि एक दर्जन प्रकल्पों में काम कर हजारों प्रवासी भारतीयों को जोड़ने और मोदी के पक्ष में ‘हर हर मोदी, घर घर मोदी’ का मंत्र पहुंचाने का काम किया। इसके लिए एक दल भारत गया। भारत में अपने परिवार जन और मित्रों से संपर्क कर भाजपा को समर्थन देने की अपील की।
आईटी कर्मी प्रवीण तंवर ने नरेंद्र मोदी की जीत पर कहा, ‘‘एक लंबे अरसे के बाद देश को एक ऐसे प्रधानमंत्री के रूप में दूसरी बार देश का नेतृत्व करने का मौका मिला है, जो ईमानदार, कर्मठ, कर्तव्यनिष्ठ और देश में कुछ कर गुजरने के लिए ध्येयनिष्ठ हैं। मोदी ने अपने पहले पांच वर्ष के कार्यकाल में वैश्विक मंच पर आर्थिक ‘सुपर पावर’ का दर्जा हासिल करना, कूटनीति में भ्रातृत्व की पहचान बना कर देश का गौरव बढ़ाना अतुलनीय है। मोदी की ऐतिहासिक जीत से अमेरिका में रहने वाले भारतीय आज गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।’’
विदेश मंत्रालय से अवकाशप्राप्त अप्रवासी भारतीय कृष्णलाल ने मोदी की विदेश नीति की सराहना की। उन्होंने कहा, ‘‘लंबे समय तक विदेश मंत्रालय में काम करते हुए मैंने भारत के अनेक प्रधान मंत्रियों के कार्यों को समीप से देखा है। लेकिन नरेंद्र मोदी ने कुशल नेतृत्व और स्थिर सरकार के सशक्त प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया है। उनकी छवि एक वैश्विक नेता के रूप में उभर कर आई है। अब उनके दूसरे कार्यकाल में अमेरिका, चीन और रूस के लिए भारत के साथ मित्रता बढ़ाने और सामरिक दृष्टि से एक वैश्विक नेता के रूप में बराबरी की दृष्टि से काम करने का मौका मिलेगा।’’ उन्होंने स्पष्टरूप से कहा कि अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध को देखते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का निश्चित तौर पर भारत के प्रति झुकाव और बढ़ेगा। ईरान से कच्चे तेल के मामले में अमेरिका अब शायद ही दबाव बना पाए, खास तौर पर उस स्थिति में जबकि भारत और ईरान के दशकों पुराने सांस्कृतिक संबंध हैं। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि ईरान में चाबहार बंदरगाह के कारण हमारे व्यापारिक हित जुड़े हुए हैं। फिर अमेरिका को चीन को संतुलित करने के लिए दक्षिण एशिया में भारत से अधिक दमदार सहयोगी और कौन मिल सकता है? एक अन्य आई टी कर्मी संतोष नर्वरकर ने कहा, दुनियाभर में जहां-जहां आर्थिक विकास हुआ है, स्वचालन (आटोमेशन) होने से बेरोजगारी बढ़ी है। इससे विश्व की दो बड़ी आर्थिक शक्ति अमेरिका और चीन अछूते नहीं रहे हैं। उम्मीद करनी चाहिए कि मोदी के नेतृत्व में भारत में डिजिटल, आटोमेशन और आर्टी-फीशियल इंटेलीजेंस का दायरा जैसे-जैसे बढ़ेगा, आर्थिक विकास होगा और भारत चीन को दूसरे पायदान से हटाने में सफल हो सकेगा।
यूनिवर्सिटी आफ साउथ कैलिफोर्निया में प्राध्यापक चन्द्रमोली ने मोदी की जीत को सकारात्मक सोच वाले लोगों की बड़ी जीत बताया। उन्होंने कहा कि मोदी के सामने कोई विकल्प नहीं था। एशिया में आर्थिक और सामरिक संतुलन के लिए अमेरिका को एक मौका मिला है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प यह मौका चूकना नहीं चाहेंगे। ट्रम्प के लिए अब प्रशांत क्षेत्रीय देशों में भारत को अग्र पंक्ति में रखना, उसे सामरिक दृष्टि से शक्ति- सम्पन्न बनाए रखना एक विवशता होगी। उन्होंने आशा जताई कि आने वाले समय में अमेरिकी निवेशक चीन की तुलना में भारत की राह पकड़ेंगे और भारत सुरक्षा परिषद में एक स्थाई सदस्य बन सकेगा।
जब भारत में मतों की गिनती हो रही थी उस समय प्रवासी बहुल अमेरिकी राज्यों के बड़े नगरों -न्यू जर्सी, शिकागो, ह्युस्टन, लॉस एंजेल्स एवं सान फ्रांसिस्को (कैलिफोर्निया) में देर शाम से बड़ी स्क्रीन लगा दी गई थी। लोग बड़ी संख्या में वहां पहुंचे और मतगणना की हर जानकारी प्राप्त करने का प्रयास करते रहे। जब लोगों को लगा कि भाजपा भारी बहुमत की ओर बढ़ रही है तो उनमें खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा।
लोग आपस में अनेक तरह की चर्चाएं कर रहे थे। नतीजों से एक बात स्पष्ट रूप से उभर कर आई कि अब देश में नकारात्मक राजनीति का कोई स्थान नहीं है।