पश्चिमी बंगाल: मारपीट के विरोध में हड़ताल पर गए डॉक्टर बोले माफी मांगे ममता
   दिनांक 14-जून-2019
ममता बनर्जी ने हड़ताल खत्म करने के लिए डॉक्टरों को चार घंटे का अल्टीमेटम दिया था। अब डॉक्टर ममता बनर्जी से बिना शर्त माफी मांगने को कह रहे हैं। पश्चिमी बंगाल में मारपीट के विरोध में अभी तक 140 डॉक्टरों ने दिया इस्तीफा दे दिया है
ममता बनर्जी के राज में लोकतंत्र की रोजाना हत्या हो रही है। पहले तो अस्पताल में डॉक्टरों से मारपीट की जाती है जब डॉक्टर उसके विरोध में हड़ताल पर जाते हैं तो उन्हें राज्य की मुख्यमंत्री अल्टीमेटम देती हैं। जब डॉक्टर इसे नहीं मानते तो यूटर्न ले लेती हैं और फेसबुक पर डॉक्टरों से हड़ताल वापस लेने की भावुक अपील करती हैं। वहीं डॉक्टर अब अस्पतालों में पूरी सुरक्षा दिए जाने के साथ ममता के अल्टीमेटम पर ममता बनर्जी से बिना शर्त माफी मांगने पर अड़े हुए हैं।
पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों के खिलाफ हिंसा की घटनाओं के बाद शुरू हुई हड़ताल चौथे दिन भी जारी रही। डॉक्टरों से हुई मारपीट के विरोध में राज्य के 140 डॉक्टर अब तक इस्तीफा दे चुके हैं। डॉक्टर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के चार घंटे के अल्टीमेटम और कार्रवाई करने की धमकियों के लिए बिना शर्त माफी की मांग कर रहे हैं।
बता दें कि बंगाल के एनआरएस मेडिकल कॉलेज में 11 जून को जूनियर डॉक्टरों के साथ मारपीट हुई थी। अस्पताल में 75 साल के एक मरीज़ मोहम्मद सईद की दिल का दौरा पड़ने से मौत के बाद उसके परिजनों और पड़ोसियों ने दो इंटर्न यानी जूनियर डॉक्टरों की बुरी तरह पिटाई कर दी थी.
एक डॉक्टर के सिर में गहरी चोटें आई है. इसके विरोध में जूनियर डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कामकाज ठप कर दिया और दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग में धरने और आंदोलन पर उतर आए। कोलकाता में मारपीट की ऐसी घटनाएं भी पहले होती रही हैं और उनके ख़िलाफ़ डॉक्टरों का आंदोलन भी पहले भी होता रहा है। पश्चिमी बंगाल में हुई इस घटना के बाद देशभर के डॉक्टरों से हड़ताल का समर्थन किया है।
 
शुक्रवार को भी इस हड़ताल को देशभर से समर्थन मिला था। दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान, पंजाब, मध्यप्रदेश और बिहार के डॉक्टरों ने विरोध प्रदर्शन किया। दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन ने दिनभर के बंद का ऐलान किया। कई अस्पतालों में डॉक्टरों ने इलाज करने से इनकार कर दिया।
ममता बनर्जी ने हमेशा की तरह इस बार भी हड़ताल को भाजपा और माकपा की साजिश बताया और उन्होंने डॉक्टरों को हड़ताल खत्म नहीं करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी। इस बात पर डॉक्टर भी नाराज हो गए। अब डॉक्टर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के चार घंटे के अल्टीमेटम और कार्रवाई करने की धमकियों के लिए बिना शर्त माफी की मांग कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि अब तक कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज के 95, दार्जिलिंग में नॉर्थ बंगाल मेडिकल कॉलेज के 27 और सागर दत्ता मेडिकल कॉलेज के 18 डॉक्टर इस्तीफा दे चुके हैं। उनका कहना है कि वे हिंसा और धमकियों के माहौल में काम नहीं कर सकते।
हर्षवर्धन ने कहा- ममता इसे प्रतिष्ठा का मुद्दा न बनाएं
दिल्ली एम्स के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने बंगाल में डॉक्टरों के खिलाफ हिंसा को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन से मुलाकात की। हर्षवर्धन ने कहा, ''मैं ममता बनर्जी से अपील करता हूं कि इसे प्रतिष्ठा का मुद्दा न बनाएं। उन्होंने डॉक्टरों को अल्टीमेटम दिया, जिसकी वजह से वे नाराज होकर हड़ताल पर चले गए। मैं उनसे इस मुद्दे पर बात करने की कोशिश करूंगा। देशभर के डॉक्टरों से कहना चाहता हूं कि सरकार उनकी सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। डॉक्टरों से अनुरोध करता हूं कि वे प्रतीकात्मक विरोध करें और अपना काम जारी रखें।''