क्या प्रियंका भी हार की जिम्मेदारी लेकर, देंगी इस्तीफा ?
   दिनांक 01-जुलाई-2019

पूर्वी उत्तर प्रदेश की जिन लोकसभा सीटों का जिम्मा बहन -प्रियंका गांधी को दिया गया था. उसमे से केवल रायबरेली लोकसभा सीट पर उनकी माता सोनिया गांधी ही चुनाव जीत पाईं. शेष सभी लोकसभा सीटों पर कांग्रेस की जमानत भी नहीं बची.
 
राहुल चाहते थे कि अन्य नेता भी हार की जिम्मेदारी लेकर अपने पदों से इस्तीफा दें. मगर बहन प्रियंका पहले ही अमेठी में समीक्षा बैठक करके हार के लिए कार्यकर्ताओं को जमकर लताड़ चुकी हैं. प्रियंका गांधी ने अपनी समीक्षा बैठक में कार्यकर्ताओं और संगठन को ही हार के लिए जिम्मेदार ठहराया. ऐसे में सवाल यह उठता है कि राहुल गांधी की बहन- प्रियंका को ही जब इस्तीफा देना जरूरी नहीं लगता तो राहुल कांग्रेस के दूसरे नेताओं से इस्तीफे की उम्मीद कैसे कर सकते हैं.
राहुल ने इस्तीफा दिया. उसके बाद बहन प्रियंका गांधी ने उन्हें मनाया मगर वह नहीं माने. उनकी माता सोनिया गांधी ने उन्हें मनाया फिर भी वह नहीं माने. काफी समय तक वह अड़े रहे. कांग्रेसियों को यह समझ नही आ रहा था कि नेहरू परिवार की इस पार्टी के खानदानी वारिस – राहुल गांधी – अपना इस्तीफा वापस क्यों नहीं ले रहे हैं? कुछ समय बाद, राहुल का दर्द छलका. दरअसल , उनकी भावनाओं को कोई कांग्रेसी अभी तक समझ ही नहीं पाया था, राहुल को उम्मीद थी कि उनके इस्तीफे के बाद तमाम कांग्रेसी नेता इस्तीफे की झड़ी लगा देंगे. मगर सभी कांग्रेसी अपने-अपने पदों से चिपके रहे. अंत में राहुल का दर्द छलक पड़ा और उन्होंने कहा कि “मुझे अफ़सोस है कि मेरे अलावा किसी ने हार की जिम्मेदारी नहीं ली.” इसके बाद चापलूस नेताओं को अपनी भारी भूल का एहसास हुआ. जहां-तहां लोगों ने इस्तीफा देना शुरू भी कर दिया मगर राहुल की बहन प्रियंका गांधी जिन्हें पूर्वी उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी दी गई थी. उन्होंने तो हार की जिम्मेदारी स्वीकार करने के बजाय कार्यकर्ताओं को जमकर खरी – खोटी सुनाई.
 
पूर्वी उत्तर प्रदेश की जिन लोकसभा सीटों का जिम्मा बहन -प्रियंका गांधी को दिया गया था. उसमे से केवल रायबरेली लोकसभा सीट पर उनकी माता सोनिया गांधी ही चुनाव जीत पाईं. शेष सभी लोकसभा सीटों पर कांग्रेस की जमानत भी नहीं बची. ऐसे में बेहतर होता कि प्रियंका गांधी भी हार की जिम्मेदारी स्वीकार करतीं . मगर कुछ दिनों पहले अमेठी में वह हार की समीक्षा कर के जा चुकी हैं. प्रियंका गांधी के मुताबिक़ रायबरेली लोकसभा सीट पर मिली विजय में कार्यकर्ताओं की कोई भूमिका नहीं है.यह जीत वहां की जनता ने उन्हें दिलाई है.
राहुल गांधी का कहना है कि हार की जिम्मेदारी अन्य नेताओं को भी लेनी चाहिए थी मगर बहन - प्रियंका गांधी हार का ठीकरा कार्यकर्ताओं के सर पर पहले ही फोड़ चुकी हैं. मतलब यह है कि प्रियंका गांधी को इस्तीफा देने की कोई जरूरत नहीं है. समीक्षा बैठक में प्रियंका गांधी ने कार्यकर्ताओं को जम कर लताड़ा था. बैठक में 40 जनपदों के पदाधिकारियों को बुलाया गया था. जानकारी के मुताबिक़ बैठक में प्रियंका गांधी चिल्ला कर बात कर रहीं थीं. उन्होंने कहा कि "आप लोगों के कारण हम हारे हैं. आप लोगों ने ठीक से काम नहीं किया।"