‘‘वैद्यकीय क्षेत्र में बढ़ती व्यावसायिकता चिंताजनक’’
   दिनांक 17-जुलाई-2019


मंच पर उपस्थित (दाएं से दूसरे) श्री अनिरुद्ध देशपांडे एवं अन्य विशिष्ट अतिथि
गत 7 जुलाई को मुंबई में नाना पालकर स्मृति समिति की ओर से राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख श्री अनिरुद्ध देशपांडे उपस्थित थे। समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आज वैद्यकीय क्षेत्र में बढ़ रही व्यावसायिकता चिंताजनक है और उसकी जड़ें बहुत गहरी हैं। स्थिति यह है कि वैद्यकीय शिक्षा के क्षेत्र में स्थान उपलब्ध नहीं और अगर प्रवेश मिल भी जाए तो रोजगार उपलब्ध नहीं। मांग और उपलब्धता के बीच दूरी बढ़ रही है। आज समाज के सभी वर्गों तक वैद्यकीय सुविधाओं का लाभ नहीं पहुंच रहा है। ऐसी स्थिति में नाना पालकर स्मृति समिति जैसी संस्थाओं का काम प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि आज वैद्यकीय क्षेत्र में नए-नए अनुसंधान हो रहे हैं। इन अनुसंधानों के कारण नई-नई उपचार पद्धतियों का लाभ हमें मिल रहा है। आरोग्य के बारे में समाज में जागृति आ रही है। परंतु इन उपलब्धियों के पश्चात् भी आरोग्य की समस्याएं कम नहीं हो रही हैं। बाल मृत्यु, महिला मृत्यु आज भी समाप्त नहीं हुई है, यह अत्यंत दु:खद है। सामाजिक विषमता का प्रभाव आरोग्य की सुविधाओं पर हो रहा है। इस अवसर पर नाना पालकर स्मृति समिति ने टाटा मेमोरियल रुग्णालय के उप संचालक डॉ. सुदीप गुप्ता, नागालैंड जैसे दुर्गम क्षेत्रों में वैद्यकीय शिविरों का आयोजन करने वाली डॉ. सुपर्णा निरगुडकर और सोहम ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. अभिजीत सोनावणे को भी सम्मानित किया। विसंकें, मुंबई