वन विभाग की रपट शर्मनाक
   दिनांक 17-जुलाई-2019

शबरीमला का वनक्षेत्र
केरल वन विभाग ने केंद्र सरकार को पर्यावरण पर्यटन से जुड़ी एक रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें उसके द्वारा शबरीमला में भजन-कीर्तन को ‘ध्वनि प्रदूषण’ और तीर्थस्थल को ‘पर्यावरण के लिए खतरे’ की सूची में डाला गया है। रिपोर्ट आने के बाद त्रावणकोर देवासम बोर्ड के अध्यक्ष ए.पद्मकुमार ने इस पर विरोध जताते हुए इसे तीर्थस्थल के प्रति अपमानजनक और शर्मनाक बताया।
उल्लेखनीय है कि वन विभाग की रिपोर्ट में लिखा गया है,‘‘जंगल से जलाने की लकड़ी इकट्ठी करना, छाया के लिए बनाए गए आश्रय स्थल, प्लास्टिक कूड़ा, धार्मिक उद्घोषों से ध्वनि प्रदूषण, यात्रा मार्गों से मिट्टी का कटाव, रात में मंदिर के आसपास उजाला किया जाना, अस्थाई शिविर आदि, इस तीर्थस्थल में होने वाले ये सभी कार्य पर्यावरण के लिए प्रमुख खतरे हैं।’’ प्रतिनिधि