अयोध्या में शीघ्र प्रारम्भ हो राममंदिर का निर्माण
   दिनांक 02-जुलाई-2019
मार्गदर्शक मंडल की बैठक में उपस्थित संतजन एवं विहिप के पदाधिकारी
गत दिनों हरिद्वार में विश्व हिन्दू परिषद् की केंद्रीय मार्गदर्शक मण्डल बैठक का समापन अयोध्या में शीघ्र ही श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य राममंदिर के निर्माण हेतु जुटने के संकल्प के साथ हुआ। केंद्रीय मार्गदर्शक मण्डल में पधारे पूज्य संतों का कहना था कि मंदिर को भव्यता देने का कार्य शीघ्रातिशीघ्र प्रारंभ हो। इसी संबंध में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए नृसिंह पीठ, जबलपुर के पूज्य जगद्गुरु श्री श्यामदेवाचार्य जी महाराज ने कहा कि हिन्दू समाज का सन् 1528 ई. से ही इस सम्बन्ध में दृढ़ संकल्प रहा है तथा पूज्य संतों के मार्गदर्शन में 1984 से विश्व हिन्दू परिषद् सम्पूर्ण हिन्दू समाज के साथ इसके लिए संघर्षरत है। अब इस पुनीत राष्ट्रीय कार्य में किसी भी प्रकार का विलम्ब उचित नहीं है। विहिप अध्यक्ष श्री वी.एस. कोकजे, कार्याध्यक्ष श्री आलोक कुमार तथा उपाध्यक्ष चम्पत राय के साथ आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने याद दिलाया कि भारतीय जनता पार्टी ने 1989 में अपनी पालमपुर की बैठक में प्रस्ताव पारित किया, श्री लालकृष्ण आडवाणी ने रथ यात्रा निकाली तथा 1990 की कारसेवा में श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने गिरफ्तारी भी दी थी। 2019 के संकल्प पत्र में इस विषय को सम्मिलित करके प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस संकल्प को दोहराने से जनता में सरकार से अपेक्षाएं बढ़ी हैं। सम्पूर्ण विश्व ने यह देखा है कि सभी राम विरोधियों ने मिलकर किस प्रकार न्यायिक प्रक्रिया को भी बाधित करने का कुचक्र रचा। बैठक में पूज्य परमानंद जी महाराज की अध्यक्षता में पूज्य आचार्य अविचल दास जी महाराज द्वारा पारित एक प्रस्ताव में कहा गया कि देश का संत समाज सरकार से आह्वान करता है कि भव्य श्रीराममंदिर निर्माण में आने वाली समस्त बाधाओं को अतिशीघ्र दूर करें, जिससे करोड़ों राम भक्तों की आशाओं के अनुरूप श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य राममंदिर का निर्माण हो। मार्गदर्शक मण्डल ने प्रस्ताव के माध्यम से भारत के मुख्य न्यायाधीश का भी आह्वान करते हुए कहा कि वे इस मामले में शीघ्रातिशीघ्र सुनवाई पूरी करें, जिससे श्रीरामजन्मभूमि के इस मामले का अतिशीघ्र निर्णय हो सके।