‘‘गोवंश रक्षण हम सबका कर्तव्य’’
   दिनांक 02-जुलाई-2019

कार्यक्रम को संबोधित करते श्री आलोक कुमार
पिछले दिनों पश्चिम उत्तर प्रदेश के हापुड़ में संघ शिक्षा वर्ग, प्रथम वर्ष का समापन समारोह आयोजित किया गया। समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में रा. स्व. संघ, पश्चिम उत्तर प्रदेश क्षेत्र प्रचारक श्री आलोक कुमार उपस्थित थे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि संघ में 1927 से शिविर प्रारम्भ हुए। शिविर में साथ रहने, खाने, कार्य करने से सामूहिकता का भाव निर्माण होता है। यह भाव ही संघ की शक्ति है और इस शक्ति द्वारा ही संघ कार्यकर्ता देश के बड़े-बड़े कठिन दिखने वाले कार्य करते आए हैं। देश व समाज पर आने वाली दैवीय, प्राकृतिक या मानवीय आपदा के समय पर स्वयंसेवक सबसे आगे रहता आया है। उन्होंने कहा कि अब संघ ने कुछ विशेष कार्य अपने हाथ में लिये हैं, जिन्हें संघ में गतिविधि कहा जाता है। हिन्दू संस्कृति की प्रतीक गो माता है, इसका संरक्षण एवं संवर्धन होना चाहिये। इसलिये एक गतिविधि बनाई है गो-सेवा। इसका उद्देश्य है-शहरों में गोशालाएं खुलें और गांवों में लोग गाय पालें, गो वंश वृद्धि हो, संरक्षण हो। इसका परिणाम है कि देश में परिवर्तन दिखायी दे रहा है, गोशालाएं बढ़ी हैं, देशी गायों के दूध के प्रति आकर्षण बढ़ा है, दूध की मांग बढ़ी है। दूसरी गतिविधि है ग्राम विकास। गांव का समग्र विकास हो, गांवों में रहने की रुचि बढ़े, यह समय और देश की आवश्यकता है। तीसरी गतिविधि है धर्म जागरण-किसी कारण से हमारे बंधु अपना हिन्दू धर्म छोड़ गए, परन्तु अपने पूर्वजों की स्मृति है और अपने धर्म में स्वेच्छा से वापस आना चाहते हैं। ऐसे लोगों की घर वापसी कराने का कार्य कर रहा है धर्म जागरण विभाग। चौथी गतिविधि है-सामाजिक समरसता। समाज में जाति भले ही रहे, परन्तु जातीय आधार पर छुआछूत, छोटा-बड़ा नहीं होना चाहिए।