भूमाफिया घोषित हुए आजम खान, कब्जाई थी किसानों की जमीन
   दिनांक 20-जुलाई-2019
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा - सपा का असली चेहरा सबके सामने आ गया है
 
 
जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण के समय में सरकारी मशीनरी का जिस तरह से दुरूपयोग किया गया था. अब वह खुलकर सामने आ रहा है. अभी हाल ही में किसानों ने जौहर विश्वविद्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया. ये किसान अपनी जमीन वापस करने की मांग को लेकर धरना दे रहे थे. किसान चाहते थे कि जौहर विश्वविद्यालय के गेट पर आकर अपना ज्ञापन सौपें मगर सपा के विधायक अब्दुल्ला आज़म खान ने अपने समर्थकों के साथ विश्वविद्यालय के गेट को घेर लिया और किसानों को विश्वविद्यालय के करीब तक नहीं पहुंचने दिया. इस दौरान राजस्व निरीक्षक की तहरीर पर आज़म खान और पूर्व पुलिस अधीक्षक आले हसन के खिलाफ जमीन कब्जा करने के मामले में एफ.आई.आर दर्ज की गई.
जमीन कब्जा करने के मामले में एफ.आई.आर दर्ज हो जाने के बाद रामपुर जनपद के किसान, निडर होकर सामने आये. आज़म खान के खिलाफ जमीन कब्जा करने के मामले में अलग-अलग 12 एफ.आई.आर दर्ज की गईं. इसके बाद जिलाधिकारी रामपुर ने सांसद आज़म खान को भू - माफिया घोषित कर दिया. इस मामले को लेकर विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि "सपा का असली चेहरा सबके सामने आ गया है."
बता दें कि प्रदेश में जब सपा की सरकार थी उस समय आज़म खान नगर विकास मंत्री हुआ करते थे. उस दौरान ही आजम खान ने रामपुर जनपद में जौहर विश्वविद्यालय का निर्माण शुरू कराया था. आरोप है कि आजम खान ने डरा – धमका कर रामपुर जनपद के कुछ किसानों की जमीन को जबरदस्ती जौहर विश्वविद्यालय परिसर में मिलाई थी. अब भाजपा सरकार में किसान अपनी जमीन वापस मांग रहे हैं.
अभी हाल ही में, जयाप्रदा ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में सांसद आजम खान का चुनाव रद्द करने के लिए याचिका दायर की है. याचिका में कहा गया है कि आज़म खान, जौहर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति रहते हुए लोकसभा का चुनाव लड़े. कुलाधिपति का पद लाभ का पद है. एक लाभ के पद पर रहते हुए चुनाव लड़ा गया. यह नियम विरुद्ध है. लिहाजा आज़म खान की लोकसभा सदस्यता समाप्त की जाए.